डिजिटल इंडिया के दावों के बीच खाद के लिए तरसते किसान: पीओएस मशीन और बायोमेट्रिक सर्वर बने बड़ी रुकावट, जानें जमीनी हकीकत और समाधान

खाद वितरण के दौरान पीओएस मशीन और बायोमेट्रिक सर्वर की समस्या से परेशान किसान

डिजिटल इंडिया, स्मार्ट गवर्नेंस और पारदर्शी व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे आज उस समय सवालों के घेरे में खड़े दिखाई देते हैं, जब एक किसान अपनी मेहनत की खेती बचाने के लिए खाद लेने सहकारी समिति पहुंचता है, लेकिन केवल इसलिए खाली हाथ लौट जाता है क्योंकि पीओएस मशीन उसका अंगूठा स्वीकार नहीं कर रही। यह … Read more

बिना इंटरनेट और सैटेलाइट हमारे पूर्वज कैसे लगाते थे बारिश का सटीक अनुमान? जानें प्रकृति के 10 अद्भुत संकेत

बिना इंटरनेट और सैटेलाइट के हमारे पूर्वज प्रकृति के संकेतों से बारिश का अनुमान लगाते हुए

हमारे पूर्वजों के पास न मोबाइल था, न इंटरनेट, न मौसम विभाग की वेबसाइट और न ही सैटेलाइट से मिलने वाले मौसम के पूर्वानुमान। इसके बावजूद वे खेती के समय, वर्षा की संभावना, मौसम के बदलाव और प्राकृतिक चक्रों का अनुमान लगाने में अद्भुत दक्षता रखते थे। इसका सबसे बड़ा कारण था उनका प्रकृति के … Read more

हर दिन एक केला: हृदय, पाचन और शरीर की ऊर्जा का प्राकृतिक सहारा, जानें वैज्ञानिक स्वास्थ्य लाभ

केले के स्वास्थ्य लाभ, पोषण, हृदय और पाचन के फायदे तथा वैज्ञानिक केले की खेती को दर्शाता चित्र।

केला (Musa Spp.) विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय, सुलभ एवं पौष्टिक फलों में से एक है। इसे केवल स्वादिष्ट फल के रूप में ही नहीं, बल्कि “प्राकृतिक ऊर्जा का पावरहाउस” तथा “संपूर्ण पोषण का फल” भी माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) तथा अनेक वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा प्रकाशित अध्ययनों के … Read more

अंबिका आम: सघन बागवानी और बंपर कमाई के लिए बेहतरीन किस्म, जानें CISH लखनऊ की खास विशेषताएं

सघन बागवानी के लिए CISH लखनऊ द्वारा विकसित अंबिका आम की उन्नत किस्म

आपने अक्सर हरे, पीले और लाल रंग के आम तो देखे होंगे, लेकिन क्या आपने कभी ऐसा आम देखा है जो सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने पोषण गुणों के कारण भी खास पहचान रखता हो? आज हम बात कर रहे हैं अंबिका आम की, जिसे केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ द्वारा … Read more

धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण कैसे करें? जानें बिसपाइरिबैक और फेनॉक्सासुलाम के छिड़काव का सही समय व नियम

धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बिसपाइरिबैक और फेनॉक्सासुलाम का छिड़काव करते किसान

धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण को हल्के में लेना किसानों के लिए सबसे महंगी गलती साबित हो सकती है। यदि रोपाई के बाद शुरुआती 30 से 45 दिनों तक खेत में खरपतवार का प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जाता, तो धान की उपज में 20% से 60% तक की कमी आ सकती है। यही कारण … Read more

विकास की कीमत सिर्फ किसान क्यों चुकाए? बिजली टावर और परियोजनाओं में मुआवजे व अधिकारों की बड़ी लड़ाई

बिजली टावर मुआवजा: किसानों के अधिकार और नियम

आज फिर एक सवाल पूरे देश के किसानों के सामने खड़ा है। आखिर किसान को अपने ही अधिकार के लिए वर्षों तक संघर्ष क्यों करना पड़ता है? जब किसी किसान की जमीन पर बिजली का टावर लगाया जाता है, हाईटेंशन लाइन गुजारी जाती है या किसी विकास परियोजना के लिए उसकी खेती प्रभावित होती है, … Read more

खारी और क्षारीय मिट्टी में भी बंपर पैदावार देगी सरसों की नई किस्म ‘CSR-68’, करनाल के वैज्ञानिकों ने विकसित की

खारी और क्षारीय मिट्टी में बेहतर पैदावार देने वाली सरसों की नई किस्म CSR-68

देश के लाखों किसान वर्षों से एक ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, जिसका समाधान केवल खाद, बीज या सिंचाई बढ़ाने से संभव नहीं था। यह समस्या है लवणीय (खारी) और क्षारीय मिट्टी की। ऐसी भूमि में फसलें या तो ठीक से उगती नहीं हैं, या फिर उत्पादन इतना कम होता है कि खेती घाटे … Read more