छत्तीसगढ़ जल नीति विवाद: जलाशयों के पानी पर पहला हक किसान का या उद्योगों का?

छत्तीसगढ़ जल नीति विवाद में जलाशयों के पानी पर किसान और उद्योगों के अधिकार को दर्शाता दृश्य

छत्तीसगढ़ में पानी और खेती को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खबरों के अनुसार प्रशासन ने जलाशयों में उपलब्ध पानी के उपयोग को लेकर नई प्राथमिकताएं तय की हैं, जिनमें उद्योगों को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है। साथ ही गर्मी के मौसम में धान की फसल लेने वाले किसानों के … Read more

खरीफ सीजन 2026: कमजोर मानसून और बढ़ती लागत के बीच किसान बदल रहे हैं खेती की रणनीति

खरीफ सीजन 2026 में कमजोर मानसून और बढ़ती खेती लागत के बीच खेत में काम करते किसान

खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत से पहले ही देश के किसानों के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। एक तरफ मौसम विभाग और विशेषज्ञ कमजोर मानसून की आशंका जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की बढ़ती कीमतों ने खेती की लागत को काफी बढ़ा दिया है। ऐसे … Read more

बिना यूरिया-डीएपी के खेती कैसे करें? जानें प्राकृतिक खेती का वैज्ञानिक तरीका

बिना यूरिया और डीएपी के प्राकृतिक खेती करते किसान का खेत

पिछले कुछ वर्षों में खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। यूरिया, डीएपी, पोटाश, कीटनाशक और मजदूरी के बढ़ते खर्च ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में एक सवाल बार-बार उठता है कि क्या बिना रासायनिक खादों के खेती संभव है? क्या प्राकृतिक खेती या जैविक खेती अपनाकर भी अच्छी पैदावार और … Read more

यूरिया-डीएपी की कीमतों पर बड़ा सवाल: सरकारी रेट ₹272 और ₹1350, फिर किसानों से ज्यादा वसूली क्यों?

यूरिया और डीएपी खाद के सरकारी रेट तथा किसानों से ज्यादा वसूली पर जानकारी

किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता आज खेती की बढ़ती लागत है। एक तरफ सरकारें किसानों की आय बढ़ाने की बात करती हैं, दूसरी तरफ खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की बढ़ती कीमतें किसानों की कमर तोड़ रही हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही एक बार फिर खाद की उपलब्धता और कीमतों … Read more

खाद सब्सिडी, ई-टोकन और यूरिया गोल्ड को लेकर क्या है सच? जानें पूरी जानकारी

खाद सब्सिडी, ई-टोकन व्यवस्था और यूरिया गोल्ड से जुड़ी जानकारी प्राप्त करते किसान

खेती का सीजन शुरू होते ही देशभर के किसानों की सबसे बड़ी चिंता खाद की उपलब्धता को लेकर शुरू हो जाती है। खेत तैयार हैं, बारिश का इंतजार है, बुवाई का समय नजदीक है, लेकिन दूसरी तरफ खाद को लेकर तरह-तरह की खबरें और अफवाहें किसानों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कोई कह रहा है … Read more

बिना बीजोपचार न करें धान की नर्सरी की बुवाई, स्वस्थ पौध और बेहतर उत्पादन की पहली सीढ़ी

धान की नर्सरी की बुवाई से पहले बीजोपचार करते किसान

धान भारत सहित बिहार की प्रमुख खाद्यान्न फसल है। मई के अंतिम सप्ताह से लेकर जून-जुलाई तक किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट जाते हैं। नर्सरी ही भविष्य की पूरी फसल की नींव होती है। यदि इस प्रारंभिक अवस्था में बीजजनित अथवा मृदाजनित रोगों का संक्रमण हो जाए, तो पौध कमजोर हो जाती … Read more

देश में खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड, 3766 लाख टन रहने का अनुमान

देश का खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 3766 लाख टन पहुंचने का अनुमान

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, जून 2026 में समाप्त होने वाले 2025-26 फसल वर्ष में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 3765.6 लाख टन रहने का अनुमान है। इस ऐतिहासिक वृद्धि का सबसे बड़ा श्रेय धान, गेहूं और मक्का की अब तक की सबसे अधिक पैदावार को … Read more