कृषि आदानों की गुणवत्ता पर निगरानी को और मज़बूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। डाक विभाग यानी इंडिया पोस्ट और कृषि विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत कीटनाशक, बीज और उर्वरक के नमूनों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं तक तेज़ी और सुरक्षित तरीके से पहुँचाने के लिए देशव्यापी लॉजिस्टिक्स ढांचा विकसित किया जाएगा।
इस समझौते के तहत इंडिया पोस्ट, कृषि निरीक्षकों द्वारा देशभर से एकत्र किए गए नमूनों की एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स जिम्मेदारी संभालेगा। 1.6 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क के ज़रिये दूर-दराज़ और ग्रामीण इलाकों तक अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। सेवा के अंतर्गत निर्धारित बुकिंग और कंसोलिडेशन केंद्र, विशेष पैकेजिंग प्रोटोकॉल, क्यूआर कोड आधारित एड्रेस मास्किंग और रीयल-टाइम डिजिटल ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
इसके अलावा, जिन नमूनों के लिए नियंत्रित तापमान आवश्यक होगा, उनके ट्रांज़िट के दौरान तापमान की डिजिटल निगरानी भी की जाएगी, ताकि परीक्षण तक उनकी गुणवत्ता और अखंडता बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली विशेष रूप से संवेदनशील नमूनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
नकली और घटिया कृषि आदानों को लेकर चिंता जताते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे कीटनाशक, बीज और उर्वरक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाते हैं। उनके मुताबिक, नया लॉजिस्टिक्स तंत्र नमूनों के तेज़ परीक्षण और दोषी उत्पादों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन को संभव बनाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, इस उन्नत व्यवस्था के लागू होने से नमूनों के परिवहन में लगने वाला समय मौजूदा 10 से 15 दिनों से घटकर मात्र 48 से 72 घंटे रह जाएगा। इससे न केवल त्वरित विश्लेषण और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी, बल्कि किसानों के बीच उपलब्ध कराए जा रहे कृषि आदानों की गुणवत्ता पर भरोसा भी मज़बूत होगा।
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