बारामती के कृषि विज्ञान केंद्र में एआई आधारित गन्ने की खेती ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस परियोजना के तहत प्रति एकड़ 150 टन तक का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया है, जो भारत में स्मार्ट खेती की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
गन्ने की अलग-अलग किस्मों पर किए गए इस प्रयोग में ‘सीओ एम 265’ ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 150.10 टन प्रति एकड़ की पैदावार दी। इसके अलावा ‘पीडीएन 15012’ ने 120.40 टन और ‘सीओ वीएसआई 8005’ ने 104.78 टन का उत्पादन हासिल किया। पारंपरिक खेती के मुकाबले एआई आधारित प्रबंधन वाले खेतों में उत्पादन में लगभग 40% का भारी इजाफा देखा गया है।
खास बात यह है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से खेती की लागत और पानी की खपत में भी 30% तक की बड़ी बचत हुई है। इस परियोजना में फसल की सेहत और वजन तो बेहतर मिला ही, साथ ही मिट्टी में जैविक कार्बन का स्तर भी पारंपरिक खेतों से बेहतर पाया गया। यह तकनीक न केवल पैदावार बढ़ा रही है बल्कि जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रख रही है।
इस सफलता के पीछे मौसम सेंसर, सैटेलाइट मैपिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का हाथ है। इन उपकरणों की मदद से मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों पर पल-पल नजर रखी गई, जिससे सिंचाई और खाद का सटीक उपयोग संभव हो पाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रयोग भारतीय कृषि में ‘प्रिसिजन एग्रीकल्चर’ की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा। आने वाले समय में यह मॉडल कम संसाधनों में अधिक उत्पादन की चुनौती को हल करने में मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष: बारामती के कृषि विज्ञान केंद्र का यह सफल प्रयोग भारतीय कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ‘प्रिसिजन एग्रीकल्चर’ (सटीक खेती) की क्रांतिकारी क्षमता को साबित करता है।
गन्ने की ‘सीओ एम 265’ जैसी किस्मों के साथ प्रति एकड़ 150 टन तक का रिकॉर्ड उत्पादन यह साफ करता है कि अत्याधुनिक तकनीकें जैसे मौसम सेंसर और सैटेलाइट मैपिंग न केवल पैदावार को 40% तक बढ़ा सकती हैं, बल्कि पानी और लागत में भी 30% की बड़ी बचत कर सकती हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मॉडल पर्यावरण के अनुकूल है, जो जमीन की उर्वरता और जैविक कार्बन को सुरक्षित रखते हुए कम संसाधनों में अधिक उत्पादन की वैश्विक चुनौती का एक बेहतरीन और टिकाऊ समाधान पेश करता है।
यह भी पढ़े: बिहार में हाईटेक होगी गन्ना खेती; सभी चीनी मिलों में कस्टम हायरिंग सेंटर अनिवार्य
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
कृषि जागृति-Krishi Jagriti एक अग्रणी डिजिटल समाचार मंच है, जो भारतीय किसानों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य किसानों तक नवीनतम कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, उन्नत कृषि तकनीक, बाजार भाव और जैविक खेती से संबंधित सटीक और उपयोगी जानकारियों का प्रसारण करना है। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
