मध्य प्रदेश में MSP पर मूंग-उड़द खरीदी के लिए पंजीयन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार की मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग और उड़द की सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। किसानों के लिए पंजीकरण की खिड़की 25 मई से खुल चुकी है और यह 15 जून तक खुली रहेगी। प्रशासन ने सलाह दी है कि अंतिम समय की हड़बड़ी और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए किसान जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर लें।

खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। अब खरीद के हर चरण में बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को खरीद केंद्रों पर अपनी उपज तौलने से पहले आधार से जुड़े पॉइंट ऑफ सेल मशीन या मोबाइल ऐप के जरिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा पहचान) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस सख्ती का सीधा उद्देश्य बिचौलियों को बाहर करना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले।

प्रशासन ने पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करते हुए अब सारी प्रक्रिया को E-उपार्जन पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया है। इस डिजिटल बदलाव से किसान न केवल अपना पंजीकरण कर सकेंगे, बल्कि मंडी के लिए स्लॉट बुकिंग और अपने भुगतान की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक कर पाएंगे। यह पोर्टल किसानों को दफ्तरों के चक्कर काटने से आजादी दिलाने और सिस्टम में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जो किसान व्यक्तिगत रूप से खरीद केंद्रों तक नहीं पहुँच सकते, उनके लिए सरकार ने प्रतिनिधि नामांकित करने की सुविधा भी दी है। एक किसान अधिकतम तीन प्रतिनिधियों के नाम दे सकता है, लेकिन यहाँ भी नियम सख्त हैं। इन प्रतिनिधियों का भी बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा और कोई भी व्यक्ति तीन से अधिक किसानों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि प्रतिनिधि सुविधा का कोई गलत इस्तेमाल न हो सके।

पंजीकरण और खरीद के बाद भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है। खरीदी गई फसलों का पैसा सीधे किसानों के उन्हीं बैंक खातों में भेजा जाएगा जो उनके सरकारी पहचान पत्र से लिंक होंगे। इसके लिए राज्य भर में 23 विशेष पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण के समय अपने पहचान विवरण, बैंक पासबुक और भूमि के दस्तावेजों की मूल प्रति साथ रखें ताकि सत्यापन में कोई त्रुटि न हो।

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग और उड़द की सरकारी खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बनाने की ठोस पहल की है।

E-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था को ऑनलाइन करने और ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ जैसी बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य करने से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त होगी।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधियों के नामांकन में कड़े नियम लागू करने और सीधे बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन का उद्देश्य बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सीधा और वास्तविक लाभ केवल राज्य के असली किसानों तक पहुँचाना है।

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