गाजीपुर में DAP के साथ एक्सपायरी Nano DAP देने का आरोप, IFFCO का बयान आया सामने

रबी बुवाई के नाजुक समय पर जब किसान पाई-पाई जोड़कर डीएपी खाद की एक बोरी के लिए घंटों लाइन में खड़ा होता है, तब मजबूरी का फायदा उठाकर उसकी जेब पर जबरन ₹14,000 की ऐसी बोतलें थोप दी जाएं जिनकी मियाद ही खत्म हो चुकी हो—तो यह केवल व्यापारिक गड़बड़ी नहीं बल्कि सीधे किसान के भरोसे पर चोट है।

खाद न मिलने के डर से चुपचाप एक्सपायरी नैनो डीएपी खरीदकर खेतों में डालने वाले किसानों को जब फसल में एक पैसे का फायदा नहीं दिखा, तब इस पूरे खेल की परतें खुलनी शुरू हुईं। यदि आप भी डीएपी खरीदने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए; नीचे दी गई इस जमीनी पड़ताल को पढ़े बिना दुकान पर कदम रखना आपकी जेब और रबी फसल दोनों के लिए भारी पड़ सकता है।

120 बोरी डीएपी पर पेटी की अनिवार्य शर्त

गाजीपुर में इफको की DAP खाद के साथ एक्सपायरी नैनो DAP देने का आरोप सामने आया है। खबर के अनुसार, 120 बोरी DAP के उठान पर विक्रेताओं को नैनो DAP की 24 बोतलों वाली एक पेटी लेना जरूरी बताया गया। आरोप है कि पेटी नहीं लेने पर DAP का आवंटन करने से इनकार किया जा रहा था।

65 विक्रेताओं में 1,500 लीटर का वितरण

रिपोर्ट के मुताबिक, इफको के करीब 65 अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से लगभग 1,500 लीटर एक्सपायरी नैनो DAP वितरित किए जाने की बात सामने आई है। आधा लीटर की एक बोतल की कीमत ₹600 बताई गई है। इससे दुकानदारों पर प्रति पेटी करीब ₹14,400 का खर्च पड़ता है, जबकि खबर में अतिरिक्त बोझ लगभग ₹13 हजार बताया गया है।

किसानों का दावा और फसल पर बेअसर असर

किसान जयप्रकाश यादव और संजय राय ने दावा किया कि उन्होंने नैनो DAP का इस्तेमाल किया, लेकिन फसल में अपेक्षित फायदा नहीं मिला। बाद में उन्हें उत्पाद की एक्सपायरी होने की जानकारी मिली। हालांकि, फसल पर असर और उत्पाद की गुणवत्ता की पुष्टि संबंधित जांच से ही हो सकती है।

इफको क्षेत्रीय अधिकारी का आधिकारिक बयान

इस मामले पर इफको के क्षेत्रीय अधिकारी सचिन तिवारी ने कहा कि जहां एक्सपायरी उत्पाद दिया गया है, वहां से उसे वापस मंगाने का संदेश जारी किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले शिकायत मिलने पर उत्पाद वापस कराया गया था।

एक्सपायरी जांच और जबरन टैगिंग से बचाव

किसान भाइयों, खाद और कृषि उत्पाद खरीदते समय बोतल पर निर्माण तिथि, वैधता अवधि और बैच नंबर जरूर जांचें। अगर कोई विक्रेता खाद के साथ जबरन दूसरा उत्पाद लेने का दबाव बनाता है, तो बिल और अन्य प्रमाण सुरक्षित रखें तथा संबंधित कृषि विभाग या कंपनी के अधिकारियों से शिकायत करें।

खाद खरीदते समय किसान ध्यान रखें ये 3 बातें

बोतल पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अनिवार्य जांचें: नैनो यूरिया या नैनो डीएपी की हर बोतल पर निर्माण तिथि और ‘Best before’ की तारीख छपी होती है। मियाद खत्म हो चुका उत्पाद कभी न खरीदें, क्योंकि एक्सपायर होने के बाद नैनो कण निष्क्रिय हो जाते हैं।

जबरन टैगिंग कानूनी रूप से अपराध है: उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO 1985) के तहत किसी भी मुख्य खाद (DAP या यूरिया) के साथ जबरन दूसरा उत्पाद बांधना गैर-कानूनी है। कोई दुकानदार दबाव बनाए तो तुरंत लिखित रसीद मांगें और विरोध करें।

कृषि अधिकारी और टोल-फ्री पर दर्ज कराएं शिकायत: यदि एक्सपायरी उत्पाद दिया गया है या टैगिंग की जा रही है, तो उत्पाद का बैच नंबर नोट करें और तुरंत जिला कृषि अधिकारी या इफको के राज्य कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।

निष्कर्ष: डीएपी की कमी का फायदा उठाकर विक्रेताओं और किसानों पर एक्सपायरी नैनो डीएपी थोपना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। इफको द्वारा उत्पाद वापस मंगाने की बात कहना राहत भरा है, लेकिन जिन किसानों के खेतों में यह बेअसर उत्पाद डल चुका है, उनके नुकसान की भरपाई भी तय होनी चाहिए। प्रशासन को सभी 65 बिक्री केंद्रों की सख्त जांच कर बाजार से सारा पुराना स्टॉक जब्त करना चाहिए ताकि अन्नदाता के साथ धोखाधड़ी रुक सके।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह विश्लेषणात्मक रिपोर्ट Anil Kumar Prasad द्वारा आधिकारिक आंकड़ों, विभिन्न विश्वसनीय समाचार स्रोतों और जमीनी कृषि वास्तविकताओं के निष्पक्ष अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य नीतिगत निर्णयों और बाजार की स्थिति से किसानों को अवगत कराना है। इस विषय पर अपने क्षेत्र की स्थिति और विचार जरूर साझा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. केंद्र सरकार ने कितने गेहूं आटे के निर्यात को मंजूरी दी है?

उत्तर: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गेहूं के आटे और उससे जुड़े प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए कुल 5 लाख टन तक के निर्यात कोटे की अनुमति दी गई है।

Q2. आटा निर्यात के लिए आवेदन की पहली तारीख क्या है?

उत्तर: इस कोटे के लिए निर्यात प्राधिकरण हेतु आवेदन का पहला दौर 21 से 31 जनवरी के बीच स्वीकार किया जाएगा, जिसके बाद हर महीने के अंतिम 10 दिनों में आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।

Q3. इस योजना के तहत कौन-से निर्यातक आवेदन करने के पात्र हैं?

उत्तर: वैध आयातक-निर्यातक कोड (IEC) और FSSAI विनिर्माण लाइसेंस रखने वाली आटा मिलें, प्रसंस्करण इकाइयाँ और उनके साथ गठजोड़ रखने वाले मर्चेंट एक्सपोर्टर्स इसके पात्र होंगे।

Q4. जारी किए गए निर्यात अनुमोदन की वैधता कितने समय की होगी?

उत्तर: जारी किए गए निर्यात अनुमोदन 6 महीने तक वैध रहेंगे और किसी भी विस्तार पर विशेष एक्सिम सुविधा समिति द्वारा विचार किया जाएगा।

Q5. इस वर्ष देश में गेहूं का कुल उत्पादन कितना रहने का अनुमान है?

उत्तर: चालू रबी सत्र में अधिक बुवाई क्षेत्र और अनुकूल मौसम के कारण देश का गेहूं उत्पादन पिछले वर्ष के रिकॉर्ड 1,179.4 लाख टन से भी अधिक रहने का अनुमान है।

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