एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी गुंटूर मिर्च यार्ड में लाल मिर्च के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। घरेलू खपत के साथ निर्यात मांग में मजबूती और चालू सीजन में उत्पादन में तेज गिरावट ने बाजार को कड़ा कर दिया है। मंडी अधिकारियों के मुताबिक, प्रीमियम किस्मों के दाम पिछले साल के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं।
फिलहाल देवनूरी डीलक्स यानी डीडी किस्म के भाव 25,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। ब्यादगी 23,000, 341 किस्म 22,500, तेजा करीब 20,500 और तालू लगभग 11,000 रुपए प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रही है। व्यापारियों का कहना है कि निर्यात मांग इसी रफ्तार से बनी रही तो कीमतों में आगे भी मजबूती बनी रह सकती है।
तेजा, 341 और 334 जैसी प्रीमियम किस्मों की निर्यात सिंगापुर, बांग्लादेश, चीन, थाईलैंड और पश्चिम एशिया के बाजारों में हो रही है, जिससे उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। अधिकारियों के अनुसार, कीमतों में इस उछाल का प्रमुख कारण बोआई क्षेत्र में भारी गिरावट और कमजोर पैदावार है।
इस सीजन लाल मिर्च का रकबा घटकर करीब 1.06 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 1.96 लाख हेक्टेयर था। वर्ष 2024 और 2025 में हुए नुकसान के बाद किसानों ने बोआई कम की थी। चालू सीजन में कुल उत्पादन का अनुमान 5.39 लाख टन लगाया गया है। वर्तमान में मंडी में रोजाना लगभग 70,000 बोरियों की आवक हो रही है, जो पीक सीजन में बढ़कर एक लाख बोरियों तक पहुंच सकती है।
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