बिहार ने किसानों की विशिष्ट डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। राज्य में चल रही किसान रजिस्ट्री पहल के तहत अब तक लक्षित किसानों में से आधे से अधिक का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-किसान योजना से जुड़े 85.53 लाख चिन्हित लाभार्थियों में से 43.04 लाख किसानों ने अपना नामांकन करा लिया है, जो कुल लक्ष्य का 50.3 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ बिहार डिजिटल नामांकन प्रगति से जुड़ी प्रोत्साहन आधारित वित्तीय व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार से 450 करोड़ रुपय प्राप्त करने का पात्र बन गया है।
जिला स्तर पर विशेष शिविरों के आयोजन और राजस्व, कृषि तथा प्रशासनिक विभागों के समन्वित प्रयासों से अभियान को गति मिली है। प्रदर्शन के मामले में वैशाली जिला 102 प्रतिशत उपलब्धि के साथ लक्ष्य से आगे निकल चुका है, जबकि शिवहर, बेगूसराय, कटिहार और बक्सर ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
पीएम-किसान से संबंधित रजिस्ट्री घटक के तहत अब तक 22.51 लाख किसानों का पंजीकरण हुआ है, जो निर्धारित लक्ष्य का 26.32 प्रतिशत है। मिशन मोड-3 के अंतर्गत दैनिक निगरानी और फील्ड स्तर पर नामांकन शिविरों के माध्यम से शेष किसानों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि यह पहल कृषि और राजस्व विभागों के संयुक्त प्रयास से लागू की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा। उन्होंने शेष किसानों से अपील की भविष्य में भुगतान में किसी प्रकार की बाधा से बचने के लिए शीघ्र पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
यह भी पढ़े: वैश्विक गेहूं व्यापार में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा, कजाकिस्तान की रिकॉर्ड कमाई..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
