फेसबुक से खेत तक डिजिटल हरित क्रांति: RPCAU पूसा के वैज्ञानिक समाधान

फेसबुक के माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक कृषि जानकारी पहुँचाने की डिजिटल पहल

क्या सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक और व्यूज से खेत में लहलहाती फसल का वजन बढ़ सकता है? देश के प्रतिष्ठित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) के पादप रोग विशेषज्ञों के शोध और फेसबुक के दोतरफा संवाद मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि जब मोबाइल की स्क्रीन से अंधाधुंध रासायनिक … Read more

अक्टूबर से दिसंबर तक केले की देखभाल में न करें लापरवाही, वैज्ञानिक प्रबंधन से बढ़ाएँ उपज

अक्टूबर से दिसंबर तक केले की फसल में खाद, सिंचाई और रोग प्रबंधन

अक्टूबर से दिसंबर के बीच केले की पत्तियों में पीलापन देखते ही बिना सोचे-समझे यूरिया झोंकना या पौधों की जड़ों में पानी भरे रहने देना आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है। रोपाई के 2 से 4 महीने बाद पौधों की सक्रिय जड़ों का फैलाव, सकर (पुत्ती) की छंटाई और फ्यूजेरियम विल्ट की समय … Read more

प्याज की स्वस्थ नर्सरी कैसे तैयार करें? पौध गलन (डैम्पिंग-ऑफ) से बचाव

प्याज की नर्सरी में स्वस्थ पौध और पौध गलन रोग से बचाव की जानकारी

नर्सरी में 30 से 40 प्रतिशत तक नन्हे पौधों का गलकर गिर जाना केवल बीजों का नुकसान नहीं है, बल्कि यह आपकी पूरी प्याज फसल के उत्पादन और महीनों के मुनाफे पर सीधे पानी फेर देता है। क्या आप जानते हैं कि जलभराव और जमीन में छिपे फंगस से नर्सरी को कैसे बचाया जाए? इस … Read more

Facebook और WhatsApp से वैज्ञानिक कृषि प्रसार: किसानों तक खेती की सही जानकारी

फेसबुक और व्हाट्सऐप के माध्यम से किसानों तक कृषि एवं उद्यानिकी की वैज्ञानिक जानकारी

सोशल मीडिया पर ‘चमत्कारी दवा’ और ’10 दिन में फसल दोगुनी’ करने वाले भ्रामक दावों के चक्कर में क्या आप भी अपनी गाढ़ी कमाई और फसल दोनों गंवा रहे हैं? देश के 44 करोड़ ग्रामीण इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच Facebook और WhatsApp को वैज्ञानिक सलाह का सच्चा हथियार कैसे बनाएं, इसे समझे बिना आंख मूंदकर … Read more

हाइब्रिड धान की बालियों में हरी-पीली गांठें? फॉल्स स्मट रोग की पहचान और बचाव

हाइब्रिड धान की बालियों में फॉल्स स्मट रोग से बनी हरी, पीली और काली गांठें

धान की बाली में पीली और काली गांठें दिखने के बाद महंगे फफूंदनाशी का छिड़काव करना केवल पैसे की बर्बादी है, क्योंकि यह कवक बाली निकलने से पहले ही फूल के ऊतकों को खत्म कर चुका होता है। यदि समय रहते बूटिंग अवस्था में सही फफूंदनाशी और संतुलित पोषण का फॉर्मूला नहीं अपनाया, तो यह … Read more

रबी की बुवाई में न करें जल्दबाजी: वैज्ञानिक सावधानियों से बढ़ाएँ उपज और घटाएँ लागत

रबी फसलों की वैज्ञानिक बुवाई करते किसान

उत्तर भारत में अक्टूबर से दिसंबर तक गेहूँ, सरसों, चना, मटर, मसूर, जौ और आलू जैसी रबी फसलों की बुवाई का महत्त्वपूर्ण समय होता है। बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित मैदानी क्षेत्रों में फसल की सफलता खेत की तैयारी, स्वस्थ बीज, संतुलित पोषण, पर्याप्त नमी तथा रोग-कीट प्रबंधन पर निर्भर करती … Read more

प्रयोगशाला से रसोई तक अगर-अगर का सफर: टिशू कल्चर, DNA जांच और जेली बनाने में उपयोग

अगर-अगर के टिशू कल्चर, DNA जांच और जेली बनाने में उपयोग

सूक्ष्मजीव विज्ञान (Microbiology) की पेट्री डिश में बैक्टीरिया की कॉलोनियां उगाने से लेकर शाकाहारी जेली और मिठाइयों को ठोस रूप देने तक, ‘अगर-अगर’ (Agar-Agar) आधुनिक विज्ञान और खाद्य उद्योग का सबसे चमत्कारिक प्राकृतिक घटक है। लाल समुद्री शैवाल (Gelidium और Gracilaria) से निकाला जाने वाला यह पॉलीसैकेराइड न केवल पादप रोग विज्ञान में फंगस व … Read more