आज 17 फरवरी 2026 है और हम आपके लिए लेकर आए हैं बिहार के कुछ प्रमुख मंडियों से फसलों के ताजा भाव। आज की रिपोर्ट में हम देखेंगे कि सब्जियों के दामों में क्या उतार-चढ़ाव रहा और किस मंडी में किसानों को मिल रहा है सबसे बेहतर दाम।
नवादा मंडी में सब्जियों का हाल
नवादा में आज आवक अच्छी देखी गई है। यहाँ मुख्य फसलों के दाम कुछ इस प्रकार हैं:
पत्ता गोभी: यहाँ औसत भाव 2000 रुपए प्रति क्विंटल रहा और न्यूनतम 1500 रुपए और अधिकतम 2500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। कुल 4 टन की आवक रही।
बैंगन: बैंगन के दामों में तेजी है, यहाँ अधिकतम भाव 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक गया है, जबकि औसत कीमत 2500 रुपए प्रति क्विंटल रही।
टमाटर: टमाटर की 4 टन आवक के साथ औसत भाव 2400 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
मुंगेर मंडी विविधता और भाव
मुंगेर मंडी में आज कई तरह की सब्जियाँ पहुँची
अदरक: आज की सबसे महंगी फसल अदरक रही, जिसका औसत भाव 6000 रुपए प्रति क्विंटल रहा। अधिकतम भाव 7000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुँच गया।
लौकी: यहाँ 3 टन लौकी की आवक रही, जिसका औसत भाव 2000 रुपए प्रति क्विंटल रहा।
खीरा व ककड़ी: खीरे का बाजार भी गर्म है, यहाँ औसत भाव 2300 रुपए प्रति क्विंटल है।
फूलगोभी: मुंगेर में फूलगोभी 1800 रुपए प्रति क्विंटल के औसत भाव पर बिकी।
आलू के दामों में अंतर सुपौल बनाम भोजपुर
आज आलू की आवक अलग-अलग मंडियों में अलग रही:
सुपौल (त्रिवेणीगंज): यहाँ 20 टन आलू की भारी आवक रही, जिससे भाव थोड़ा कम यानी 800 रुपए प्रति क्विंटल औसत रहा।
भोजपुर (आरा): इसके विपरीत आरा मंडी में आलू 1100 रुपए प्रति क्विंटल के औसत भाव पर बिका, यहाँ आवक मात्र 4 टन रही।
लखीसराय मंडी
लखीसराय में पत्ता गोभी की आवक कम यानी 1 टन होने के बावजूद भाव नवादा से कम रहे। यहाँ औसत कीमत 1583 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज की गई। आज के आंकड़ों से स्पष्ट है कि अदरक और बैंगन उत्पादक किसानों के लिए आज का दिन मुनाफे वाला रहा। वहीं, आलू के भाव अधिक आवक के कारण सुपौल में थोड़े नरम पड़े हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मांग और आवक के ग्राफ को देखकर ही अपनी फसल मंडी लेकर आएँ।
यह भी पढ़े: फसल अवशेष प्रबंधन योजना से पराली जलाने की घटनाओं में आई गिरावट- चौहान
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
