बोर्डो मिक्सचर और बोर्डो पेस्ट बनाने का तरीका: सही मात्रा और उपयोग की पूरी विधि

फलदार पेड़ों को फफूंदजनित रोगों से बचाने के लिए बोर्डो मिक्सचर और बोर्डो पेस्ट बनाने की विधि

बरसात के बाद या सर्दियों की शुरुआत में जब आम, नींबू और अमरूद के पेड़ों की डालियां ऊपर से सूखने लगें (डाईबैक) या तने से चिपचिपा गोंद बहने लगे, तो केवल महंगे फफूंदनाशक छिड़कने से बात नहीं बनती। नीला थोथा (कॉपर सल्फेट) और बुझे चूने के सही अनुपात, प्लास्टिक के बर्तनों के चयन और चूने … Read more

आम में पैक्लोब्यूट्राजोल का सही उपयोग: मात्रा, तरीका और सावधानियां

आम के पेड़ में पैक्लोब्यूट्राजोल के सही प्रयोग की जानकारी

किसान भाइयों, आज हम आम की खेती से जुड़ी 1 ऐसी वैज्ञानिक तकनीक और रसायन के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जिसने पिछले कुछ दशकों में फलदार वृक्षों, विशेषकर आम के बागों के प्रबंधन की पूरी दिशा ही बदल दी है। भारत में आम की खेती करने वाले किसान हमेशा से 1 बहुत बड़ी … Read more

मिट्टी की उर्वरा शक्ति कैसे बढ़ाएं? समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन की वैज्ञानिक गाइड

मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए जैविक खाद और संतुलित उर्वरक का उपयोग

हर साल खेत में यूरिया और डीएपी की बोरियां बढ़ाते रहने के बाद भी अगर फसल पीली पड़ रही है और पैदावार घट रही है, तो समझ लीजिए कि आपकी मिट्टी अंदर से बीमार हो चुकी है। बिना मिट्टी जांच कराए रासायनिक खादों की अंधाधुंध झोंकाई करने के बजाय 12 माह पुरानी सड़ी गोबर खाद, … Read more

बीज व मृदा उपचार से बढ़ाएँ रबी फसलों का उत्पादन: सरसों, चना और गेहूं की वैज्ञानिक गाइड

रबी फसलों में बीज व मृदा उपचार से सरसों, चना और गेहूं की बेहतर पैदावार

बिना उपचार किए सीधे खेत में बीज बो देना दीमक, उकठा और फफूंद जनित रोगों को खुली दावत देने जैसा है, जहां अंकुरण से पहले ही 30% फसल जमीन के नीचे सड़ जाती है। कवकनाशी, कीटनाशी और जैव उर्वरकों के सही क्रम (F-I-R) और प्रति एकड़ गोबर खाद-ट्राइकोडर्मा कल्चर के वैज्ञानिक गणित को समझे बिना … Read more

अक्टूबर से दिसंबर तक केले की देखभाल में न करें लापरवाही, वैज्ञानिक प्रबंधन से बढ़ाएँ उपज

अक्टूबर से दिसंबर तक केले की फसल में खाद, सिंचाई और रोग प्रबंधन

अक्टूबर से दिसंबर के बीच केले की पत्तियों में पीलापन देखते ही बिना सोचे-समझे यूरिया झोंकना या पौधों की जड़ों में पानी भरे रहने देना आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है। रोपाई के 2 से 4 महीने बाद पौधों की सक्रिय जड़ों का फैलाव, सकर (पुत्ती) की छंटाई और फ्यूजेरियम विल्ट की समय … Read more

प्याज की स्वस्थ नर्सरी कैसे तैयार करें? पौध गलन (डैम्पिंग-ऑफ) से बचाव

प्याज की नर्सरी में स्वस्थ पौध और पौध गलन रोग से बचाव की जानकारी

नर्सरी में 30 से 40 प्रतिशत तक नन्हे पौधों का गलकर गिर जाना केवल बीजों का नुकसान नहीं है, बल्कि यह आपकी पूरी प्याज फसल के उत्पादन और महीनों के मुनाफे पर सीधे पानी फेर देता है। क्या आप जानते हैं कि जलभराव और जमीन में छिपे फंगस से नर्सरी को कैसे बचाया जाए? इस … Read more

हाइब्रिड धान की बालियों में हरी-पीली गांठें? फॉल्स स्मट रोग की पहचान और बचाव

हाइब्रिड धान की बालियों में फॉल्स स्मट रोग से बनी हरी, पीली और काली गांठें

धान की बाली में पीली और काली गांठें दिखने के बाद महंगे फफूंदनाशी का छिड़काव करना केवल पैसे की बर्बादी है, क्योंकि यह कवक बाली निकलने से पहले ही फूल के ऊतकों को खत्म कर चुका होता है। यदि समय रहते बूटिंग अवस्था में सही फफूंदनाशी और संतुलित पोषण का फॉर्मूला नहीं अपनाया, तो यह … Read more