Shriram Super 1-SR-14 vs Shriram Super 303: गेहूं की कौन-सी किस्म बेहतर है? जानिए पूरा सच

Shriram Super 303 और Shriram Super 1-SR-14 गेहूं की किस्मों की तुलना

किसान भाइयों, गेहूं की बुवाई का समय नजदीक आते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन-सी वैरायटी बोई जाए, जिससे फुटाव अच्छा हो, बालियां लंबी निकलें, दाने मोटे बनें और प्रति एकड़ उत्पादन बढ़िया मिले। आज मैं आपको Shriram Super 1-SR-14 और Shriram Super 303 के बारे में विस्तार से बताने वाला हूं। … Read more

बैंगन में सूत्रकृमि (निमेटोड) का प्रकोप: लक्षण, गांठों की पहचान और बचाव के वैज्ञानिक तरीके

बैंगन की जड़ों में सूत्रकृमि से बनी गांठों की पहचान और रोकथाम

बैंगन की खेती में जब पौधे बिना किसी स्पष्ट कारण के पीले पड़ने लगें, बढ़वार रुक जाए और दोपहर में मुरझाने लगें, तो इसका सबसे बड़ा कारण जमीन के नीचे छिपा ‘जड़ गांठ सूत्रकृमि’ (Root-knot Nematode) हो सकता है। नर्सरी और हल्की बलुई मिट्टी में यह परजीवी सूत्रकृमि जड़ों पर हमला करके 50 से 80 … Read more

गेहूं की बुवाई में कौन-सी खाद डालें? DAP, NPK 12:32:16 या SSP: सही बेसल डोज का पूरा गणित

गेहूं की बुवाई में DAP, NPK और SSP खाद का सही प्रबंधन

किसान भाइयों, गेहूं की अच्छी पैदावार केवल अच्छे बीज पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बुवाई के समय खाद एवं उर्वरकों का सही प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। अगर शुरुआत में फसल को जरूरत के अनुसार पोषक तत्व नहीं मिलते, तो जड़ों का विकास, पौधों की बढ़वार और कल्ले निकलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती … Read more

रबी की बुवाई में न करें जल्दबाजी: वैज्ञानिक सावधानियों से बढ़ाएँ उपज और घटाएँ लागत

रबी फसलों की वैज्ञानिक बुवाई करते किसान

उत्तर भारत में अक्टूबर से दिसंबर तक गेहूँ, सरसों, चना, मटर, मसूर, जौ और आलू जैसी रबी फसलों की बुवाई का महत्त्वपूर्ण समय होता है। बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित मैदानी क्षेत्रों में फसल की सफलता खेत की तैयारी, स्वस्थ बीज, संतुलित पोषण, पर्याप्त नमी तथा रोग-कीट प्रबंधन पर निर्भर करती … Read more

ब्लैक राइस कितना फायदेमंद है? जानिए काले चावल में एंथोसायनिन और वजन पर वैज्ञानिक शोध क्या कहता है

ब्लैक राइस के दाने, एंथोसायनिन और पोषण संबंधी फायदे

भारतीय थाली में रोजाना परोसे जाने वाले सफेद चावल के मुकाबले आजकल ‘ब्लैक राइस’ (काला चावल) को सुपरफूड के रूप में काफी लोकप्रियता मिल रही है। इसका गहरा बैंगनी-काला रंग केवल देखने की खूबसूरती नहीं है, बल्कि यह इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स-एंथोसायनिन और फेनोलिक कंपाउंड्स का संकेत है। पॉलिशिंग के दौरान सफेद चावल अपनी ऊपरी … Read more

प्रयोगशाला से रसोई तक अगर-अगर का सफर: टिशू कल्चर, DNA जांच और जेली बनाने में उपयोग

अगर-अगर के टिशू कल्चर, DNA जांच और जेली बनाने में उपयोग

सूक्ष्मजीव विज्ञान (Microbiology) की पेट्री डिश में बैक्टीरिया की कॉलोनियां उगाने से लेकर शाकाहारी जेली और मिठाइयों को ठोस रूप देने तक, ‘अगर-अगर’ (Agar-Agar) आधुनिक विज्ञान और खाद्य उद्योग का सबसे चमत्कारिक प्राकृतिक घटक है। लाल समुद्री शैवाल (Gelidium और Gracilaria) से निकाला जाने वाला यह पॉलीसैकेराइड न केवल पादप रोग विज्ञान में फंगस व … Read more

अक्टूबर से दिसंबर तक आम के बाग में न करें अनावश्यक छेड़छाड़, वरना घट सकता है अगली फसल का उत्पादन

अक्टूबर से दिसंबर तक आम के बाग की देखभाल और मंजर के लिए जरूरी प्रबंधन

उत्तर भारत, विशेषकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अक्टूबर से दिसंबर का समय आम के बागों के भविष्य का फैसला करता है। अक्सर किसान भाई पेड़ों को हरा-भरा रखने के लालच में इस दौरान बार-बार सिंचाई कर देते हैं, यूरिया (नाइट्रोजन) डाल देते हैं या ट्रैक्टर से गहरी जुताई कर देते हैं। कृषि वैज्ञानिकों … Read more