1 जनवरी 2026 तक, भारत के केंद्रीय भंडार में धान और चावल का रिकॉर्ड भंडार है, जो कुल मिलाकर 679.32 लाख टन है और बफर मानदंडों से कहीं अधिक है। वार्षिक पीडीएस चावल की मांग 410 लाख टन होने के कारण, सरकार को अतिरिक्त उत्पादन को कम करने में चुनौतियों का … [Read more...]
ओडिशा में नई योजनाओं का आगाज़, पाकिस्तान बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा चावल निर्यातक..!
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार 8 लाख टन धान की खरीद करेगी, जिससे धान की खरीद संबंधी चिंताएं कम होंगी। उन्होंने कालाहांडी में 891 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया, नई सिंचाई योजनाओं, किसानों को प्रोत्साहन देने वाली … [Read more...]
अमेरिका में कृषि संकट के बीच भारत और बांग्लादेश के लिए बड़ी राहत..!
बांग्लादेश को जी2जी समझौते के तहत अमेरिका से गेहूं की दूसरी खेप प्राप्त हुई है, जिसमें 57,003 टन गेहूं चटगांव बंदरगाह पर पहुंचा है। यह माल चटगांव और मोंगला बंदरगाहों के बीच वितरित किया जाएगा। गुणवत्ता संबंधी मंजूरी मिलने के बाद, यह आयात 220,000 टन के … [Read more...]
आटा-चीनी की महंगाई की मार से पाकिस्तानी परेशान और भारत ने दी गेहूं निर्यात में ढील..!
पाकिस्तान में खुदरा कीमतें लगभग स्थिर रहीं, लेकिन पंजाब प्रांत से गेहूं के परिवहन पर प्रतिबंध के कारण आटे और चीनी की कीमतों में वृद्धि हुई। सब्जियों, मांस और दालों की कीमतों में मामूली बदलाव हुआ, जबकि अंडों की कीमतों में वृद्धि हुई। उपभोक्ताओं का … [Read more...]
सीएआई ने कपास उत्पादन अनुमान बढ़ाकर किया 317 लाख गांठ..!
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सीएआई ने प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में बेहतर पैदावार का हवाला देते हुए 2025-26 सीजन यानी अक्टूबर -सितंबर के लिए भारत के कपास उत्पादन अनुमान को 7.5 लाख गांठ बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। पिछले सीजन में देश का कपास … [Read more...]
रिजर्व बैंक ने दी किसानों के लिए ब्याज सहायता योजना जारी रखने की ये सलाह..!
भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अल्पकालिक कृषि ऋणों पर संशोधित ब्याज सहायता योजना को जारी रखने की सलाह दी है। किसान क्रेडिट कार्ड इस योजना के केंद्र में है, जिसके माध्यम से देश के करोड़ों किसानों को खेती और सहायक गतिविधियों के लिए … [Read more...]
मधु पटेल ने वैश्विक पहचान बनाकर 3,000 महिलाओं को बनाया लखपति ..!
बिहार के नालंदा जिले के एक छोटे से गाँव से शुरू हुई कहानी आज पूरे पूर्वी भारत के लिए ग्रामीण उद्यमिता का सबसे सशक्त उदाहरण बन चुकी है। हिलसा प्रखंड के गजेंद्र बीघा गाँव की रहने वाली मधु पटेल ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक, प्रशिक्षण और दृढ़ … [Read more...]






