बाजार में नकली बीजों का बढ़ता खतरा अब एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में खुलेआम नकली और अमानक बीज बेचे जा रहे हैं, जहां जांच में बड़ी संख्या में सैंपल फेल पाए गए। यह स्थिति सीधे तौर पर किसानों की मेहनत, लागत और उत्पादन पर असर डाल रही है।
जब किसान महंगे दाम पर बीज खरीदता है, तो उसकी उम्मीद होती है कि अंकुरण अच्छा होगा और फसल मजबूत बनेगी। लेकिन नकली या घटिया बीज की वजह से या तो अंकुरण ही नहीं होता या पौधे कमजोर रह जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि खेत में पौधों की संख्या कम हो जाती है, उत्पादन घटता है और किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार यह नकली बीज सामान्य दुकानों पर असली के नाम से बेचे जाते हैं, जिससे किसान आसानी से पहचान नहीं कर पाता। कई मामलों में पैकेट और ब्रांडिंग इतनी मिलती-जुलती होती है कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि जागरूकता और सावधानी बहुत जरूरी हो गई है।
किसानों के लिए जरूरी है कि वे बीज खरीदते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। हमेशा प्रमाणित दुकानों से ही बीज खरीदें और बिल जरूर लें। पैकेट पर बैच नंबर, वैधता तिथि और कंपनी का नाम सही तरीके से लिखा होना चाहिए। अगर संभव हो तो केवल विश्वसनीय और पहले से उपयोग किए गए ब्रांड का ही चुनाव करें।
इसके साथ ही अगर किसी खेत में बीज अंकुरण कम हो रहा है या पौधों में असामान्य वृद्धि दिखाई देती है, तो तुरंत कृषि विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। समय पर शिकायत करने से जांच होती है और दोषियों पर कार्रवाई संभव होती है। सरकार और विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब तक किसान खुद सतर्क नहीं होगा।
तब तक इस समस्या को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है। इसलिए जरूरी है कि सभी किसान मिलकर जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। एक छोटी सी लापरवाही किसानों की पूरी फसल खराब कर सकती है, इसलिए बीज खरीदते समय सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। सही बीज ही अच्छी फसल की नींव होता है।
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