धन-धान्य कृषि योजना में नागौर देश में पहले स्थान पर, फसल विविधीकरण में 18.44 अंकों की बढ़त

राजस्थान के नागौर जिले ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ में राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है। फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के कड़े मानक पर नागौर ने 18.44 अंक हासिल कर देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं सभी मानकों के संयुक्त मूल्यांकन में 84.13 अंकों के साथ नागौर पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा। फसल कटाई के बाद भंडारण, दीर्घकालिक कृषि ऋण और सुशासन में भी जिले ने शीर्ष पांच में जगह बनाई है। जानिए 11 विभागों की 36 योजनाओं के इस सफल मॉडल और राजस्थान के 8 आकांक्षी जिलों की पूरी रिपोर्ट।

फसल विविधीकरण में देश में अव्वल

राजस्थान के नागौर जिले ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के मानक पर 18.44 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। योजना के सभी उद्देश्यों के संयुक्त मूल्यांकन में 84.13 अंकों के साथ नागौर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा।

भंडारण, ऋण और पाली की रैंकिंग

फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने और किसानों की दीर्घकालिक कृषि ऋण तक पहुंच सुधारने में नागौर देश में चौथे स्थान पर रहा। फसल उत्पादकता बढ़ाने तथा सुशासन और सेवा वितरण के मामले में इसे पांचवां स्थान मिला। वहीं, राजस्थान के पाली जिले ने सिंचाई ढांचे में सुधार के मामले में आठवां और समग्र रैंकिंग में 11 वां स्थान हासिल किया।

11 विभागों की 36 योजनाएं

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, भंडारण ढांचे को मजबूत बनाना और किसानों की कृषि ऋण तक पहुंच बेहतर करना है। इसके तहत 11 सरकारी विभागों की 36 योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जा रहा है।

100 आकांक्षी जिलों में विकास

योजना में कम कृषि उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण तक सीमित पहुंच वाले देश के 100 आकांक्षी जिलों को शामिल किया गया है, जिनमें राजस्थान के 8 जिले हैं। इन जिलों में टिकाऊ कृषि पद्धतियों और बुनियादी ढांचे के विकास के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

नागौर के देश में अव्वल आने के 3 बड़े कारण

फसल विविधीकरण पर विशेष जोर: पारंपरिक पानी सोखने वाली फसलों के बजाय नागौर के किसानों ने दलहन, तिलहन, इसबगोल, जीरा और औषधीय फसलों की ओर रुख किया, जिससे भूजल की बचत हुई।

36 सरकारी योजनाओं का एकीकरण: कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता और जल संसाधन सहित 11 विभागों की 36 योजनाओं को एक खिड़की के नीचे लागू किया गया, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई।

भंडारण और सस्ते कृषि ऋण की सुविधा: फसल कटाई के बाद उपज को औने-पौने दाम पर बेचने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर गोदाम बनाए गए और किसानों को कम ब्याज पर दीर्घकालिक ऋण सुलभ कराया गया।

निष्कर्ष: नागौर जिले का प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करना यह साबित करता है कि यदि सरकारी योजनाओं का धरातल पर सही तालमेल हो, तो अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भी कृषि क्रांति लाई जा सकती है।

11 विभागों की 36 योजनाओं को एक साथ जोड़कर फसल विविधीकरण, भंडारण और ऋण की व्यवस्था ने नागौर के किसानों की आजीविका को नई ताकत दी है। राजस्थान के अन्य आकांक्षी जिलों और देश भर के कृषि प्रशासनों को नागौर के इस एकीकृत मॉडल से सीख लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में टिकाऊ और लाभकारी खेती का विस्तार करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में नागौर जिले को कौन-सा स्थान मिला है?

उत्तर: नागौर जिले ने फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के मानक पर 18.44 अंकों के साथ देश में पहला स्थान और समग्र मूल्यांकन में 84.13 अंकों के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है।

Q2. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई का विस्तार, फसल विविधीकरण, फसल कटाई के बाद भंडारण संरचना को मजबूत करना और किसानों तक कृषि ऋण की पहुंच आसान बनाना है।

Q3. इस योजना के तहत कितने सरकारी विभागों और योजनाओं को जोड़ा गया है?

उत्तर: योजना के तहत सरकार के 11 विभिन्न विभागों की 36 प्रमुख कृषि व ग्रामीण योजनाओं को एकीकृत (कन्वर्जेंस) रूप से लागू किया जा रहा है।

Q4. देश भर के कितने जिले इस योजना में शामिल हैं?

उत्तर: कम कृषि उत्पादकता और सीमित ऋण पहुंच वाले देश के 100 आकांक्षी जिलों को चुना गया है, जिनमें राजस्थान के 8 जिले शामिल हैं।

Q5. राजस्थान के पाली जिले ने इस योजना में क्या रैंकिंग हासिल की?

उत्तर: पाली जिले ने सिंचाई ढांचे के विस्तार में देश में 8वां स्थान और राष्ट्रीय समग्र रैंकिंग में 11वां स्थान प्राप्त किया है।

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