केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी व्यवस्था के तहत किसानों को रिकॉर्ड 3.47 लाख करोड़ रुपय का भुगतान किया है। कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि 22 अधिसूचित फसलों की सरकारी खरीद के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई गई।
मंत्री के अनुसार, एमएसपी भुगतान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2023-24 में 2.63 लाख करोड़ रुपय और 2022-23 में 2.47 लाख करोड़ रुपय किसानों को दिए गए थे। इससे स्पष्ट है कि बीते तीन वर्षों में सरकारी खरीद तंत्र के जरिए किसानों को मिलने वाली आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में कुल खाद्यान्न खरीद 1,223 लाख टन रही, जो 2023-24 के 1,089 लाख टन और 2022-23 के 1,118 लाख टन से अधिक है। एमएसपी के दायरे में 22 फसलें शामिल हैं, जिनमें धान, मक्का, अरहर यानी तूर, मूंग, सोयाबीन और कपास जैसी 14 खरीफ फसलें तथा गेहूं, चना और सरसों जैसी छह रबी फसलें आती हैं।
इसके अतिरिक्त जूट और खोपरा जैसी वाणिज्यिक फसलें भी इस व्यवस्था में शामिल हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई खरीद और समयबद्ध भुगतान से किसानों की आय सुरक्षा को मजबूती मिली है और कृषि क्षेत्र में संस्थागत समर्थन तंत्र और सशक्त हुआ है।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर। अब न कोई बिचौलिया, न कोई कमीशन! किसान अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर बेच रहे हैं और पैसा सीधा उनके खाते में पहुंच रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।”
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