किसानों को राहत: फसल बीमा के लिए 450 करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम के तहत 450 करोड़ रुपये की बड़ी सब्सिडी को मंजूरी दी है। कृषि निदेशालय ने 247.39 करोड़ रुपये की राशि तत्काल प्रभाव से जारी भी कर दी है। इस धनराशि का उपयोग फसल बीमा योजना से जुड़े किसानों के प्रीमियम भुगतान में सहायता के लिए किया जाएगा।

यह वित्तीय सहायता केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त दिशानिर्देशों के आधार पर खर्च की जाएगी। कृषि निदेशालय को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही इस राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र सरकार को सौंपें। राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम को वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का रूप देकर और अधिक व्यापक बनाया गया था।

इस व्यवस्था में किसानों को अपनी जेब से प्रीमियम का केवल एक बहुत छोटा सा हिस्सा देना होता है। प्रीमियम की शेष बड़ी लागत का बोझ केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर साझा करती हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक दबाव नहीं पड़ता। आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश की सबसे बड़ी कृषि जोखिम प्रबंधन योजना बन चुकी है।

इस योजना का लाभ उठाने में उत्तर प्रदेश के किसान सबसे आगे हैं। राज्य में हर साल खरीफ और रबी सीजन के दौरान 35 लाख से लेकर 70 लाख तक किसान अपनी फसल का बीमा करवाने के लिए आवेदन करते हैं।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय फसल बीमा कार्यक्रम (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) के तहत 450 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी देना राज्य के किसानों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है।

इस फैसले से कृषि निदेशालय ने तुरंत 247.39 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं, जिससे किसानों को बेहद कम प्रीमियम पर अपनी फसलों का बीमा कराने में सीधी आर्थिक मदद मिलेगी।

यह कदम न केवल खेती-किसानी से जुड़े वित्तीय जोखिम को कम करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि हर साल 35 लाख से 70 लाख आवेदनों के साथ उत्तर प्रदेश के किसान देश की इस सबसे बड़ी कृषि जोखिम प्रबंधन योजना का लाभ उठाने में सबसे आगे बने हुए हैं।

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