केंद्र सरकार ने आगामी खरीफ बुवाई सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम तैयारी की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि अप्रैल के लिए देश में लगभग 163 लाख टन उर्वरक भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष के 128.54 लाख टन के मुकाबले करीब 26 प्रतिशत अधिक है।
दूसरे पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह भंडार पूर्व योजना के तहत तैयार किया गया है। सरकार अगली रबी फसल के लिए भी पहले से तैयारी कर रही है, ताकि कृषि इनपुट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार उर्वरक सब्सिडी के लिए 19,000 करोड़ रुपय की अतिरिक्त राशि पूरक अनुदानों के माध्यम से आवंटित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रभाव से किसानों को बचाना और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना है।
नई यूरिया नीति 2015 के तहत ओडिशा और असम में दो नए उर्वरक संयंत्र विकसित किए जा रहे हैं। इनके चालू होने पर वार्षिक उत्पादन क्षमता में लगभग 25.4 लाख टन की वृद्धि होने की उम्मीद है। बढ़ती कृषि मांग को देखते हुए मौजूदा संयंत्रों के विस्तार का कार्य भी जारी है।
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