• Home
  • पशुपालन
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Agri Care & Organic Farming | Agriculture & Farming

Home » विदेशी फलों की होगी छुट्टी, बागवानी में आत्मनिर्भरता से ही बढ़ेगी किसानों की आयः चौहान

विदेशी फलों की होगी छुट्टी, बागवानी में आत्मनिर्भरता से ही बढ़ेगी किसानों की आयः चौहान

14/02/2026 by krishijagriti5

विदेशी फलों की होगी छुट्टी, बागवानी में आत्मनिर्भरता से ही बढ़ेगी किसानों की आयः चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत को बागवानी क्षेत्र को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाकर फलों, सब्जियों और फूलों के आयात को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आईसीएआर-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बागवानी में आत्मनिर्भरता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान तभी नई फसलों को अपनाएंगे जब वे आर्थिक रूप से लाभकारी हों।

उन्होंने कहा कि किसान तभी नई और उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाएंगे, जब उन्हें स्पष्ट आर्थिक लाभ दिखाई देगा। भारत प्रतिवर्ष 1120 लाख टन से अधिक फलों का उत्पादन करता है, जिसमें केला, आम, पपीता और साइट्रस प्रमुख हैं। इसके बावजूद शहरी मांग और मौसमी उपलब्धता में अंतर के कारण सेब, एवोकाडो, कीवी और नाशपाती जैसे फलों का आयात जारी है। केवल सेब का आयात ही करीब 6 लाख टन सालाना है, जबकि देश में इसका उत्पादन 25 से 27 लाख टन के बीच रहता है।

मंत्री ने कहा कि एवोकाडो और ड्रैगन फ्रूट जैसे आयातित फलों पर निर्भरता अब घटने लगी है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र में इनकी खेती का तेजी से विस्तार हो रहा है। विशेष रूप से ड्रैगन फ्रूट, जो कभी बड़े पैमाने पर आयात होता था, अब देश में व्यावसायिक स्तर पर उगाया जा रहा है और इसकी उत्पादकता भी उत्साहजनक है।

उन्होंने संकेत दिया कि उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों में आयात प्रतिस्थापन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं और यदि अनुसंधान, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को समन्वित रूप से बढ़ावा दिया जाए तो यह क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी मुद्रा की बचत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह भी पढ़े: ब्राजील से यूपी तक इथेनॉल का दबदबा: पिपराइच मिल को मिला 25 करोड़ रुपए का बजट..!

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: Agri News, Gardening, Self-Reliance in Gardening

WhatsApp व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें..!

Latest Post

यूक्रेन का मक्का निर्यात बढ़ा, तुर्की में रूसी दबदबा और तेलंगाना के किसानों का संकट

यूक्रेन का मक्का निर्यात बढ़ा, तुर्की में रूसी दबदबा और तेलंगाना के किसानों का संकट

कम पैदावार और बढ़ते निर्यात के बीच क्या अब महंगी होगी चीनी की मिठास

कम पैदावार और बढ़ते निर्यात के बीच क्या अब महंगी होगी चीनी की मिठास

सूरजमुखी तेल की मांग में गिरावट, लेकिन पाम ऑयल के निर्यात में 36% का भारी उछाल

सूरजमुखी तेल की मांग में गिरावट, लेकिन पाम ऑयल के निर्यात में 36% का भारी उछाल

जापान की नई नीति से लेकर भारत में रिकॉर्ड चावल खरीद और फिलीपींस का आयात संकट

जापान की नई नीति से लेकर भारत में रिकॉर्ड चावल खरीद और फिलीपींस का आयात संकट

रूस का रिकॉर्ड गेहूं निर्यात, मध्य पूर्व में तनाव और भारत में मौसम की मार

रूस का रिकॉर्ड गेहूं निर्यात, मध्य पूर्व में तनाव और भारत में मौसम की मार

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों के जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Search

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved