कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Krishi Jagriti Chalo Gavan Kee Aur | Agri Care & Organic Farming

  • Home
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • पशुपालन
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग

छोटे किसान प्रति एकड़ आलू की खेती से कितनी कमाई कर सकते हैं..!

28/02/2026 by krishijagriti5

छोटे किसान प्रति एकड़ आलू की खेती से कितनी कमाई कर सकते हैं..!

क्या आप जानते हैं कि एक एकड़ खेत से सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल कौन सी है? जवाब है- आलू। लेकिन क्या इस समय के आधुनिक दौर में आलू लगाना वाकई फायदेमंद है? आज हम बात करेंगे प्रति एकड़ आलू की खेती से होने वाली असली कमाई के बारे में। कितना खर्चा आता है, कितनी पैदावार होती है और अंत में आपकी जेब में कितने पैसे बचते हैं।

प्रति एकड़ आलू की खेती में लगने वाली लागत..!

मुनाफा जानने से पहले आपको खर्चा समझना जरूरी है। एक एकड़ में आलू उगाने का औसतन खर्च 50,000 से 70,000 रूपये के बीच आता है। जैसे- छोटे किसानों के पास खुद की कोई जमीन नहीं होती है ये किसान मुलगुजारी पर भूमि लेकर खेती करते हैं, जो प्रति एकड़ खेत की साल भर की मुलगुजारी 10,000 से 15,000 रुपए होती हैं।

खेत की तैयारी: खेत की जुताई करने और लेजर लेवलिंग करने में 5,000 रुपए मान लें।

बीज का खर्च: प्रति एकड़ खेत में आलू की बुआई के लिए 12 से 15 क्विंटल बीज जो किस्म के अनुसार अलग-अलग मूल्य होगी लेकिन सामान्य तौर पर मान ले 25,000 से 30,000 रुपए।

खाद और उर्वरक: अगर आप रासायनिक उर्वरक के तौर पर DAP, पोटाश और यूरिया का इस्तेमाल करते हैं तो 8,000 रुपए का खर्च मान ले। वहीं आप जैव उर्वरक के तौर पर गोबर की खाद, वार्मी कंपोस्ट या समुद्री शैवाल, माइक्रोराइजा या कृषि जागृति के बताए अनुसार जैव उर्वरक का इस्तेमाल करते हैं तो 10,000 रुपए का खर्च आएगा।

सिंचाई और लेबर: आलू की बुवाई से लेकर खुदाई तक का पूरा खर्च 15,000 रुपए मान लें।

दवाई और कीटनाशक: अगर आप रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करके आलू की बुआई कर रहे है तो फसल में झुलसा रोग और कीटों की लगने की संभावना बनी रहती हैं जो बचाव के लिए 5,000 रुपए अलग से लग सकते हैं। वहीं अगर आप जैविक विधि से आलू की बुआई करते हैं तो रोग व कीट लगने की संभावना कम रहती हैं। अगर आप अपना खुद का बीज व खाद इस्तेमाल करते हैं, तो लगने वाली लागत में 20,000 रुपए तक कम किए जा सकते है।

प्रति एकड़ खेत में आलू की पैदावार

अब बात करते हैं पैदावार की। अगर आपने अच्छी किस्म जैसे कुफरी पुखराज, कुफरी बहार या चिप्सोना लगाई है, तो प्रति एकड़ औसतन सामान्य खेती से 80 से 100 क्विंटल, थोड़ा वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 120 से 150 क्विंटल, अगर आप आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्में, ड्रिप सिंचाई अपना कर 200 से 250 क्विंटल पैदावार आसानी से प्राप्त कर सकते है। अगर मिट्टी अच्छी है और प्रबंधन सटीक है, तो यह 300 क्विंटल तक भी जा सकती है।

प्रति एकड़ आलू की खेती से कमाई

अब आते हैं सबसे जरूरी सवाल पर- कमाई कितनी होगी? आलू का भाव शेयर मार्केट की तरह घटता-बढ़ता रहता है। जैसे सामान्य स्थिति में मूल्य 800 रुपए प्रति क्विंटल: 250 क्विंटल × 800 रूपये = 2,00,000 लाख रुपए की कुल कमाई!

शुद्ध मुनाफा: 2,00,000 लाख रूपये – 50,000 जो लागत लगा है। = 1,40,000 रुपए प्रति एकड़।

मंदी की स्थिति में मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल: 250 क्विंटल × 500 रुपए = 1,25,000 रुपए की कुल कमाई।

शुद्ध मुनाफा: 1,25,000 रुपए – 50,000 रुपए जो लागत लगी है।= 65,000 रुपए प्रति एकड़

छोटे किसानों के लिए आलू की खेती में रिस्क

आलू की खेती में कमाई तो है, पर जोखिम भी है। कभी-कभी हमने देखा है कि कई बार बाजार में एकदम गिरावट आती है। इससे बचने के दो तरीके हैं! कोल्ड स्टोरेज- अगर भाव कम है, तो तुरंत न बेचें। आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखें और भाव बढ़ने पर निकालें।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग- चिप्स बनाने वाली कंपनियों से पहले ही रेट तय कर लें। किसान भाइयों, आलू की खेती ‘लॉटरी’ भी है और ‘मेहनत’ भी। सही समय पर बुवाई और बाजार पर नजर रखकर आप एक एकड़ से साल भर की कमाई निकाल सकते हैं।

यह भी पढ़े: बजट में छोटे और सीमांत किसानों को क्या मिला..!

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: कृषि जागृति Tagged With: Advanced Potato Varieties, Modern Farming, Potato Farming, Potato Prices, Profit Per Acre

WhatsApp कृषि जागृति चलो गांव की ओर

Latest Post

वैश्विक गेहूं बाजार में हलचल: अमेरिकी कानूनी संकट और भारत के निर्यात दांव से बदलेंगे गेहूं के दाम..!

वैश्विक गेहूं बाजार में हलचल: अमेरिकी कानूनी संकट और भारत के निर्यात दांव से बदलेंगे गेहूं के दाम..!

इथेनॉल बूम से बदलेगा किसानों का भविष्य! मक्का की मांग बढ़ी, एशिया में शुरू नई फ्यूल रेस..!

इथेनॉल बूम से बदलेगा किसानों का भविष्य! मक्का की मांग बढ़ी, एशिया में शुरू नई फ्यूल रेस..!

इथेनॉल बूम से मक्का की कीमतों में हलचल! चीन, अमेरिका और अफ्रीका से आई बड़ी खबरें..!

इथेनॉल बूम से मक्का की कीमतों में हलचल! चीन, अमेरिका और अफ्रीका से आई बड़ी खबरें..!

चीनी सेक्टर में डबल धमाका: भारत में बढ़ा उत्पादन, इथेनॉल डायवर्जन से बाजार गरम..!

चीनी सेक्टर में डबल धमाका: भारत में बढ़ा उत्पादन, इथेनॉल डायवर्जन से बाजार गरम..!

छोटे किसान प्रति एकड़ आलू की खेती से कितनी कमाई कर सकते हैं..!

छोटे किसान प्रति एकड़ आलू की खेती से कितनी कमाई कर सकते हैं..!

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल जनोपयोग व जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Search

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved