• Home
  • पशुपालन
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Agri Care & Organic Farming | Agriculture & Farming

Home » बैंगन की फसल से उन्नत पैदावार कैसे पाएं गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों के साथ

बैंगन की फसल से उन्नत पैदावार कैसे पाएं गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों के साथ

02/04/2026 by krishijagriti5

बैंगन का उपयोग आमतौर पर हमारे यहां सब्जी के लिए किया जाता है। हमारे देश के अलावा भी यह अन्य कई देशों की प्रमुख सब्जी की फसल हैं। बैंगन की फसल बाकी फसलों से ज्यादा सख्त होती है। इसके सख्त होने के कारण इसे शुष्क या कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता है। इसमें विटामिन ए तथा बी के अलावा कैल्शियम, फास्फोरस और लोहे जैसे खनिज भी पाएं जाते हैं। यदि इसकी उपयुक्त उत्तम किस्में तथा संकर किस्में बोई जाए और उन्नत वैज्ञानिक क्रियाएं अपनाई जाएं तो इसकी फसल से काफी अधिक उपज मिल सकती हैं।

बैंगन की फसल की बुवाई

भारत वर्ष में बैंगन की खेती लगभग पूरे साल की जा सकती हैं, यानी रबी, खरीफ और ग्रीष्मकालीन में। मुख्यतः दक्षिण भारत में जनवरी, फरवरी, मार्च या अप्रैल में इसकी खेती की जाती हैं।

बैंगन की खेती के लिए मिट्टी का उपचार

100 से 150 किलोग्राम 12 माह पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद में एक लीटर जी-बायो फॉस्फेट एडवांस को किसी छायादार स्थान पर मिलाकर एक दिन तक हवा लगने के बाद प्रति एकड़ खेत में छिड़काव करें।

बीज उपचार

इसके बाद 10 मिली जी-बायो फॉस्फेट एडवांस को प्रति किलोग्राम सूखे बीज को उपचारित करके खेतों में बुवाई करें। बीज उपचार के लिए पानी का उपयोग नहीं करना हैं।

पौधे का उपचार

10 मिली जी-पोटाश को एक लीटर पानी के साथ घोलकर बैंगन के पौधों की जड़ों को 15 से 20 मिनट तक ट्रीटमेंट करें व सिंचाई से पहले आवश्यकतानुसार यानी 25 किलोग्राम यूरिया व 15 किलोग्राम डीएपी के साथ 10 किलोग्राम जी-सी पावर और 4 किलोग्राम जी-वैम प्रति एकड़ खेत में छिड़काव करें व 40 से 50 दिनों के बाद खड़ी फसल में 100 किलोग्राम ताजी गोबर को 200 लीटर पानी में घोलकर व एक लीटर जी-एनपीके मिलाकर पौधों के जड़ों में एक या डेढ़ मग डालें।

फूल एवं फल आने पर

बैंगन के पौधों में फूल लगने पर 15 लीटर पानी के टैंक में 10 मिली जी-सी लिक्विड व 10 मिली जी-बायो ह्यूमिक को मिलाकर पौधों पर स्प्रे करें व फल लगने के बाद 15 लीटर पानी के टैंक में 10 मिली जी-एमिनो प्लस व 10 मिली जी-सी लिक्विड को मिलाकर बैंगन के पौधों पर स्प्रे करें।

गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों के लाभ

पौधे, फल, पत्तों में सड़न गलन से बचाव, जीवाणु रोग से बचाव करने में सहायक के साथ मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ाता है जिससे उन्नत फल और फसल की वृद्धि होती हैं।

यह भी पढ़े: गेहूं की बालियों में लगने वाले रोगों को गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों से कैसे उपचार करें..!

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: गैलवे कृषम फार्मिंग Tagged With: Brinjal Sowing Season, Galway Krisham Organic Products, Organic Farming Methods

WhatsApp व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें..!

Latest Post

क्या सच में देश का अन्नदाता मजदूर बनता जा रहा है? हर किसान को यह सच्चाई जाननी चाहिए

क्या सच में देश का अन्नदाता मजदूर बनता जा रहा है? हर किसान को यह सच्चाई जाननी चाहिए

क्या किसानों की खेती सच में केमिकल के चक्रव्यूह में फँस चुकी है, बाहर निकलने का यह है सही रास्ता

क्या किसानों की खेती सच में केमिकल के चक्रव्यूह में फँस चुकी है, बाहर निकलने का यह है सही रास्ता

सल्फास की बिक्री पर लगा कड़ा प्रतिबंध: अब बिना अनुमति उपयोग पड़ेगा भारी, जानें नए नियम

सल्फास की बिक्री पर लगा कड़ा प्रतिबंध: अब बिना अनुमति उपयोग पड़ेगा भारी, जानें नए नियम

क्या इथेनॉल ब्लेंडिंग से सच में किसानों की आय बढ़ी है, जाने जमीनी हकीकत

क्या इथेनॉल ब्लेंडिंग से सच में किसानों की आय बढ़ी है, जाने जमीनी हकीकत

बैंगन की फसल से उन्नत पैदावार कैसे पाएं गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों के साथ

बैंगन की फसल से उन्नत पैदावार कैसे पाएं गैलवे कृषम के जैविक उत्पादों के साथ

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों के जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Search

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved