हमारे देश में आलू की औसत पैदावार 30 से 35 क्विंटल प्रति एकड़ है। आलू में कार्बोहाइड्रेट और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आलू की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे अहम भाग है। यदि आप आलू की खेती करना चाहते हैं तो खेत की तैयार करने की सही विधि जान सकते हैं।
आलू की खेत की तैयारी
आलू की खेती के लिए सबसे पहले खेत में एक बार 25 से 30 सेंटीमीटर गहरी जुताई करें। गहरी जुताई के लिए मिट्टी पलटने वाली हल का प्रयोग कर सकते हैं। इसके बाद 3 से 4 बार हल्की जुताई करें। हल्की जुताई के लिए डिस्क हैरो या कल्टीवेटर का प्रयोग करें।
खेत की मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए प्रत्येक जुताई के बाद पाटा अवश्य लगाएं। अच्छी फसल के लिए बुवाई से पहले पलेवा करें। खेत से कंकड़, पत्थर, फसल व खरपतवार के अवशेष को बाहर निकाल दें।
आलू की अच्छी पैदावार के लिए प्रति एकड़ खेत में 5 टन 12 माह पुरानी सड़ी हुई गोबर खाद में एक लीटर जी-बायो फॉस्फेट एडवांस को किसी छायादार मिलाकर छिड़काव करें। आखिरी जुताई के समय प्रति एकड़ खेत में 35 किलोग्राम यूरिया, 25 किलोग्राम डीएपी एवं 15 किलोग्राम पोटाश को मिलाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि खेत में जल जमाव न हो। खेत में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था करें।
बीज की बुवाई के लिए खेत में क्यारियां बना लें। सभी क्यारियों के बीच करीब 45 से 55 सेंटीमीटर की दूरी रखें। इन क्यारियों में 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी एवं 5 से 7 सेंटीमीटर की गहराई पर बीज की बुवाई करें।
आलू की खेती समतल भूमि में भी की जा सकती है। समतल भूमि में खेती करने के लिए बीज की बुवाई के बाद खेत में मिट्टी चढ़ाई जाती है।आलू की बुआई के लिए खेत तैयार करना कितना आसान है! अच्छी जुताई, जैविक और रासायनिक खाद का सही मिश्रण, और मेड़ें बनाना – यही हैं अच्छी पैदावार के तीन मुख्य सूत्र। अब आपका खेत बुआई के लिए पूरी तरह तैयार है।
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