क्या आपने कभी अपनी लगाई हुई सब्जियों की फसल के नन्हें पौधों को बिना किसी कारण के अचानक मरते हुए देखा है? जो पौधे कल तक हरे-भरे थे, वह आज ज़मीन पर गिरे हुए हैं? तो आपका पौधा डैम्पिंग ऑफ रोग के शिकार हुए हैं। यह छोटे पौधों के लिए एक साइलेंट किलर बीमारी है। लेकिन चिंता मत कीजिए! आज हम आपको बताएंगे कि आप अपनी सब्जियों की फसल को इस घातक रोग से कैसे बचा सकते हैं।
सब्जियों की फसलों में डैम्पिंग ऑफ रोग के फैलाव का खतरा हमेशा बना रहता है। यह एक मिट्टी जनित फफूंद रोग है, जो पौधों के शुरुआती विकास चरण को सबसे अधिक प्रभावित करता है। यह रोग विशेष रूप से नमी अधिक रहने और जल निकासी कमजोर होने पर यह रोग तेज़ी से फैलता है। इस रोग से फसल की पैदावार को भारी नुकसान की आशंका रहती है।
डैम्पिंग ऑफ रोग के संक्रमण के शुरुआती चरण में बीज सड़ जाते हैं और अंकुर निकल नहीं पाते। वहीं जो पौधे निकल भी जाते हैं, उनके तने की मिट्टी के पास पानी से भीगे हुए धब्बे दिखाई देने लगते हैं और कुछ ही दिनों में अंकुर ढहकर नष्ट हो जाते हैं। यह समस्या नर्सरी, प्रो-ट्रे और खेतों में हो सकती है, इसलिए रोकथाम और प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस रोग को नियंत्रित करने के उपाय कुछ इस प्रकार है।
अंकुर तैयार करने के लिए प्रो-ट्रे या अच्छी जल निकासी वाली नर्सरी मिट्टी का उपयोग करें। खेत में पानी रुकने न दें और बेहतर जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। गर्मियों के दिनों में गहरी जुताई करें ताकि फफूँद के स्रोत नष्ट हों। दलहनी या गैर-मेज़बान फसलों के साथ फसल चक्र अपनाएँ। और मिट्टी और बीजों को उपचारित करना न भूलें।
बीज उपचार करने के लिए प्रति किलोग्राम किलोग्राम बीज को 10 मिली जी-डर्मा प्लस से उपचारित कर 30 मिनट तक किसी छायादार स्थान पर हवा लगने के बाद बुआई करें। पौध रोपाई से पहले 50 लीटर पानी में 25 मिली जी-डर्मा प्लस को मिलाकर पौधों की जड़ों को 10 से 15 मिनट के लिए घोल में डुबो कर मुख्य खेत में बुआई करें।
पौध की बुआई करने के 10 से 15 दिन बाद 150 लीटर पानी में 50 किलोग्राम गाय की ताजी गोबर और एक लीटर जी-डर्मा प्लस को मिलाकर प्रति पौधा एक मग जड़ क्षेत्र में डालें। डैम्पिंग ऑफ रोग एक बेहद तेज़ी से फैलने वाला और शुरुआती अवस्था का एक विनाशकारी रोग है। इसलिए इसे समय पर नियंत्रित करना बेहद आवश्यक है। आप ऊपर दिए गए उपायों को अपनाकर डैम्पिंग ऑफ रोग को नियंत्रित कर सकते हैं और अपनी सब्जी की फसल को नुकसान से बचा सकते हैं।
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