आलू सबसे प्रचलित सब्जियों में से एक है। हमारे देश में शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां आलू न मिले। आलू में स्टार्च, प्रोटीन, वसा, खनिज लवण, विटामिन आदि कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसकी बुवाई के लिए अगस्त-सितंबर का महीना सर्वोत्तम है। आलू की अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए बुवाई से पहले बीज उपचारित करना अति आवश्यक है।
आलू के बीज उपचार के फायदे
बुवाई से पहले आलू के बीज उपचारित करने से उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त होती है। फसलों में कई तरह के मृदा जनक रोगों के लगने की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही विभिन्न कीटों से भी बचाव होता है।
आलू के बीज उपचारित करने का सही समय
आलू की बुवाई से लगभग 24 घंटे पहले बीज को उपचारित करें। बीज को कोल्ड स्टोरेज से निकालने के बाद, उन्हें बुवाई से लगभग 24 घंटे पहले किसी छायादार और हवादार जगह पर अच्छी तरह से फैला दें ताकि नमी सूख जाए। कटे हुए आलू के बीज का उपचार करने के लिए, उन्हें काटने के तुरंत बाद उपचारित करें।
आलू के बीज उपचारित करने की सही विधि
आलू की बेहतर पैदावार एवं उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने के लिए प्रति किलोग्राम बीज को 10 मिली जी-बायो फॉस्फेट एडवांस को एक लीटर पानी में मिलाकर उपचारित करें। जी-बायो फॉस्फेट एडवांस की जगह प्रति किलोग्राम आलू के बीज को 10 मिली जी-डर्मा प्लस से भी उपचारित कर सकते हैं।
उपचारित बीजों को बुवाई से पहले धूप में न रखें। इन्हें छायादार जगह पर ही रखें। 24 घंटे के बाद आप इन्हें खेत में लगा सकते हैं। बीज उपचार से आप अपनी आलू की फसल को प्रारंभिक अवस्था में होने वाले मिट्टी जनित रोगों जैसे कि आलू का गलन और झुलसा रोग से बचा सकते हैं, जिससे आपकी पैदावार में वृद्धि होगी है। किसान भाइयों, यह था आलू के बीज उपचार करने का सरल और सही तरीका।
यह भी पढ़े: आलू की बुआई के लिए खेत की तैयारी कैसे करें..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।