दक्षिण अमेरिका से रिकॉर्ड आपूर्ति की संभावनाओं और प्रमुख आयातकों की कमजोर मांग के बीच 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में वैश्विक तिलहन बाजारों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय अनाज परिषद आईजीसी के अनुसार, नवंबर के अंत के बाद से सोयाबीन के औसत वैश्विक निर्यात भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा कमजोरी दक्षिणी गोलार्ध के निर्यातक देशों में देखी गई।
ब्राज़ील में अनुकूल मौसम और समय से पहले शुरू हुई कटाई ने रिकॉर्ड फसल की उम्मीदों को और मजबूत किया है। वहीं चीन की ओर से अपेक्षाकृत सुस्त खरीदारी ने बाजार धारणा को नकारात्मक बनाए रखा है। इसका असर कीमतों पर साफ दिखा है। अमेरिकी खाड़ी क्षेत्र यानी यूएस गल्फ से सोयाबीन के निर्यात भाव लगभग 6 प्रतिशत गिरकर करीब 425 डॉलर प्रति टन पर आ गए हैं। वहीं ब्राज़ील और अर्जेंटीना से आपूर्ति वाले भाव करीब 10 प्रतिशत टूटकर क्रमशः 405 डॉलर और 400 डॉलर प्रति टन के आसपास पहुंच गए हैं।
सोयाबीन के साथ-साथ अन्य तिलहनों में भी कमजोरी का यही रुझान रहा। कैनोला और वनस्पति तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई है, जिससे तिलहन परिसर में व्यापक दबाव बना हुआ है। आपूर्ति पक्ष से दबाव को और बढ़ाते हुए अमेरिकी कृषि विभाग यूएसडीए ने 2025-26 के लिए वैश्विक सोयाबीन उत्पादन का अनुमान बढ़ाकर रिकॉर्ड 4257 लाख टन कर दिया है। इस संशोधन में ब्राज़ील और अमेरिका में उत्पादन बढ़ने की प्रमुख भूमिका बताई गई है।
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