चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-नवंबर अवधि में भारत के मसाला निर्यात ने मात्रा के लिहाज़ से मजबूत बढ़त दर्ज की है। मसाला बोर्ड के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, निर्यात 14 प्रतिशत बढ़कर 10.6 लाख टन से 12 लाख टन तक पहुंच गया। हालांकि वैश्विक बाजार में नरम कीमतों के कारण निर्यात आय लगभग स्थिर रहकर 2.93 अरब डॉलर पर ही सीमित रही।
भारत के प्रमुख निर्यात मसाले मिर्च की खेप में 27 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह 4.81 लाख टन तक पहुंच गई। इसके बावजूद निर्यात मूल्य में केवल 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई और कुल कमाई 765.2 मिलियन डॉलर रही। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रचुर रहने से कीमतों में मजबूती नहीं आ पाई।
छोटी इलायची ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसकी निर्यात मात्रा 96 प्रतिशत बढ़कर 8,648 टन हो गई, जबकि मूल्य 122 प्रतिशत बढ़कर 241.2 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। बड़ी इलायची के निर्यात में भी सकारात्मक रुझान रहा। इसका निर्यात मात्रा के लिहाज से 18 प्रतिशत और मूल्य 32 प्रतिशत बढ़ा।
इसके विपरीत, जीरा प्रमुख मसालों में एकमात्र ऐसा उत्पाद रहा, जहां गिरावट दर्ज की गई। निर्यात मात्रा 11 प्रतिशत घटकर 1.42 लाख टन रह गई, जबकि मूल्य 27 प्रतिशत टूटकर 380.1 मिलियन डॉलर पर आ गया। हल्दी की खेप 5 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन निर्यात आय में समान अनुपात में 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे कीमतों पर दबाव का संकेत मिलता है।
धनिया के निर्यात में 12 प्रतिशत की मात्रा वृद्धि और 10 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि दर्ज की गई। अदरक का निर्यात भी मात्रा के लिहाज से 89 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज से 62 प्रतिशत बढ़ा। वहीं करी पाउडर और पेस्ट की खेप 41 प्रतिशत बढ़ी, हालांकि आय में वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित 8 प्रतिशत ही रही।
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