खरीफ फसलों का रकबा पिछले वर्ष से 39 लाख हेक्टेयर घटा, उत्पादन पर बढ़ी चिंता

केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई, 2026 तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुवाई 787.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 826.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में 38.82 लाख हेक्टेयर कम है। मानसूनी वर्षा के असमान वितरण के कारण कई मुख्य फसलों के रकबे में गिरावट देखी गई है।

धान और दलहन फसलों की बुवाई में आई गिरावट

देश की मुख्य फसल धान का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 6.19 लाख हेक्टेयर घटकर 234.43 लाख हेक्टेयर रह गया है। वहीं, कुल दलहन फसलों की बुवाई 84.57 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष से 6.90 लाख हेक्टेयर कम है। दलहन में अरहर का रकबा 4.10 लाख हेक्टेयर घटकर 31.17 लाख हेक्टेयर और मूंग का रकबा 1.50 लाख हेक्टेयर घटकर 26.89 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। हालांकि, उड़द की बुवाई में सुधार देखा गया है और यह बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 17.27 लाख हेक्टेयर थी।

श्री अन्न’ (मोटे अनाज): मक्का और बाजरा के रकबे को सबसे बड़ा झटका

चालू सीजन में ‘श्री अन्न’ (मोटे अनाज) के बुवाई क्षेत्र में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इसका कुल रकबा 19.28 लाख हेक्टेयर घटकर 142.21 लाख हेक्टेयर रह गया है। इनमें मक्का की बुवाई 8.36 लाख हेक्टेयर घटकर 77.79 लाख हेक्टेयर और बाजरा का रकबा 8.54 लाख हेक्टेयर घटकर 49.54 लाख हेक्टेयर रह गया है। ज्वार और रागी का बुवाई क्षेत्र भी पिछले साल के मुकाबले सुस्त बना हुआ है।

तिलहन बुवाई का हाल: सोयाबीन का रकबा घटा, मूंगफली स्थिर

तिलहन फसलों का कुल रकबा 163.54 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 3.45 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। तिलहन में प्रमुख सोयाबीन की बुवाई 3.59 लाख हेक्टेयर घटकर 113.65 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई, जबकि मूंगफली का रकबा 40.20 लाख हेक्टेयर के साथ लगभग स्थिर बना हुआ है। सूरजमुखी और तिल की बुवाई में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वाणिज्यिक फसलें: गन्ने और जूट-मेस्ता के रकबे में बढ़ोतरी

वाणिज्यिक फसलों की बात करें तो कपास का रकबा 3.99 लाख हेक्टेयर घटकर 98.72 लाख हेक्टेयर रह गया है। इसके विपरीत, गन्ना और जूट-मेस्ता की फसलों में सकारात्मक रुख देखने को मिला है। गन्ने का रकबा 0.86 लाख हेक्टेयर बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर तथा जूट व मेस्ता का रकबा 0.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर 6.32 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है।

सामान्य (औसत) रकबा और आगे की संभावनाएं

कृषि मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2024-25 के औसत के आधार पर देश में खरीफ फसलों का सामान्य (औसत) रकबा 1,104.46 लाख हेक्टेयर है, जबकि वर्ष 2025 में खरीफ फसलों का अंतिम बुवाई रकबा 1,134.27 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था। आने वाले हफ्तों में बारिश की स्थिति सुधरने पर अंतिम आंकड़ों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

निष्कर्ष: केंद्रीय कृषि मंत्रालय के 24 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों से स्पष्ट है कि मानसूनी बारिश के असमान वितरण का असर चालू खरीफ सीजन की बुवाई पर पड़ा है, जिसके कारण कुल रकबा पिछले वर्ष से लगभग 39 लाख हेक्टेयर घट गया है।

हालांकि, उड़द, गन्ने और जूट-मेस्ता जैसी फसलों में सकारात्मक सुधार देखा गया है, जबकि धान, दलहन और ‘श्री अन्न’ की बुवाई में आई गिरावट चिंता का विषय है। आने वाले सप्ताहों में यदि मानसूनी बारिश की स्थिति में सुधार होता है, तो न केवल खरीफ फसलों के अंतिम आंकड़ों में रिकवरी संभव होगी बल्कि रबी सीजन के लिए भी जलाशयों में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q. 24 जुलाई 2026 तक देश में खरीफ फसलों का कुल बुवाई रकबा कितना दर्ज किया गया?

उत्तर: कृषि मंत्रालय के अनुसार 24 जुलाई 2026 तक खरीफ फसलों की कुल बुवाई 787.37 लाख हेक्टेयर में दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष से 38.82 लाख हेक्टेयर कम है।

Q. इस सीजन में धान और दलहन फसलों का रकबा कितना रहा है?

उत्तर: धान का रकबा 234.43 लाख हेक्टेयर (6.19 लाख हेक्टेयर कम) और कुल दलहन का रकबा 84.57 लाख हेक्टेयर (6.90 लाख हेक्टेयर कम) दर्ज किया गया है।

Q. किस फसल वर्ग की बुवाई में सबसे ज्यादा गिरावट आई है?

उत्तर: ‘श्री अन्न’ (मोटे अनाज) के रकबे में सबसे अधिक 19.28 लाख हेक्टेयर की गिरावट आई है। इसमें मक्का और बाजरा की बुवाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।

Q. क्या किसी फसल के रकबे में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है?

उत्तर: हां, उड़द की बुवाई (18.67 लाख हेक्टेयर), गन्ने (57.58 लाख हेक्टेयर) और जूट व मेस्ता (6.32 लाख हेक्टेयर) के रकबे में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

Q. भारत में खरीफ फसलों का सामान्य (औसत) बुवाई क्षेत्र कितना माना जाता है?

उत्तर: कृषि मंत्रालय के पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के आंकड़ों के आधार पर खरीफ फसलों का सामान्य औसत रकबा 1,104.46 लाख हेक्टेयर है।

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