भारत दलहन एवं अनाज संघ यानी आईपीजीए ने संकेत दिया है कि मजबूत मिलर मांग और सीमित आपूर्ति के कारण चना, तूर और उड़द के दामों में निकट अवधि में मजबूती बनी रह सकती है। संघ की ताज़ा साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, शादी सीजन और रमज़ान से जुड़ी बढ़ती खपत के चलते चना बाजार में और तेजी की संभावना है, जबकि कुछ प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसम संबंधी जोखिमों ने भी धारणा को समर्थन दिया है। राजस्थान में चना का भाव 25 रुपये बढ़कर 5,975 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
मध्य प्रदेश में भी कीमतें 5,875 से 5,900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच स्थिर रहीं, जिससे बाजार में मजबूती का संकेत मिलता है। तूर के मामले में घरेलू उत्पादन अनुमान में कमी और अफ्रीकी देशों से धीमी आवक ने कीमतों को सहारा दिया है। म्यांमार से आपूर्ति अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है और वहां उत्पादन करीब 3 लाख टन रहने का अनुमान है।
महाराष्ट्र के अकोला बाजार में तूर के दाम 625 रुपये की छलांग लगाकर 8,600 से 8,650 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए। हालांकि, फरवरी के अंत से म्यांमार और घरेलू नई आवक बढ़ने पर तेजी पर कुछ अंकुश लग सकता है। उड़द में भी अल्पकालिक मजबूती के संकेत हैं। खरीफ स्टॉक घटने और रबी फसल की आपूर्ति में अभी समय होने से बाजार में आपूर्ति तंग बनी हुई है।
ब्राजील से आयात में सुस्ती के कारण म्यांमार पर निर्भरता बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के चंदौसी में उड़द के दाम 150 रुपये बढ़कर 7,800 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। आईपीजीए का आकलन है कि मांग फिलहाल मजबूत बनी हुई है, लेकिन फरवरी से नई आवक शुरू होने और ऊंचे भावों पर किसानों की सक्रिय बिक्री से अत्यधिक तेजी की संभावना सीमित रह सकती है।
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