मध्य प्रदेश के उन गेहूं उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है जो किसी कारणवश अब तक अपनी उपज मंडियों तक नहीं पहुंचा पाए थे। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं खरीद की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 23 मई कर दिया है।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि यह फैसला किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीद केंद्रों पर आने वाले हर किसान की उपज को सुचारु रूप से खरीदा जा सके।
आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 9.78 लाख किसानों से 60.7 लाख टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है। सरकार भुगतान की रफ्तार को भी तेज रखे हुए है। अब तक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में 11,610 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भेजी जा चुकी है।
इससे किसानों को अपनी अगली फसल की तैयारी के लिए नकदी की कमी नहीं होगी। मध्य प्रदेश के किसानों को देश के कई अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर दाम मिल रहा है। वर्तमान में यहाँ 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।
इसमें केंद्र सरकार का 2,585 रुपये का एमएसपी और राज्य सरकार का 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस शामिल है। सरकार को उम्मीद है कि खरीद की अवधि बढ़ाने से वे किसान भी लाभ उठा सकेंगे जो देरी से कटाई या परिवहन की समस्या के कारण पिछड़ गए थे।
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