हाल ही में तिलहन और दलहन फसलों को लेकर एक बड़ी चर्चा सामने आई है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की सिफारिश की गई है। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और बाजार के उतार-चढ़ाव से उन्हें सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हालांकि अभी यह केवल एक सिफारिश है, लेकिन अगर इसे लागू किया जाता है तो खेती के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
आज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि MSP घोषित होने के बावजूद किसानों की पूरी उपज उस दाम पर नहीं बिक पाती। मजबूरी में किसान को बाजार में कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ती है, जिससे लागत भी पूरी नहीं हो पाती। अगर 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की व्यवस्था लागू होती है, तो किसान को अपनी पूरी उपज का न्यूनतम तय मूल्य मिलने की गारंटी मिल सकती है। इससे खासकर छोटे और मध्यम किसानों को काफी राहत मिलेगी और उनकी आय में स्थिरता आएगी।
इसके साथ ही PM-AASHA योजना के विस्तार की बात भी की गई है, जिससे अरहर, उड़द और मसूर जैसी दलहन फसलों की खरीद को मजबूत किया जा सके। वर्तमान में कई जगहों पर खरीद केंद्रों की कमी और सीमित खरीद के कारण किसानों को परेशानी होती है। अगर इस योजना को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव विदेशी पाम ऑयल पर आयात शुल्क बढ़ाने का है। इसका उद्देश्य यह है कि देश में तिलहन फसलों जैसे सरसों और सोयाबीन की मांग बढ़े और किसानों को बेहतर कीमत मिल सके। जब बाजार में सस्ता विदेशी तेल कम आएगा, तो स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आमदनी में सुधार होगा।
इसके अलावा भारत ऑयल जैसे ब्रांड की शुरुआत का सुझाव भी दिया गया है, जिससे किसानों के उत्पाद को सीधे बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यदि यह पहल सफल होती है, तो बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिल सकेगा। बीज कानून को सरल बनाने और हर जिले में सीड हब स्थापित करने की बात भी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज आसानी से उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में सुधार होगा। किसानों के नजरिए से यह सभी सुझाव काफी सकारात्मक हैं, लेकिन असली फायदा तभी मिलेगा जब इन्हें सही तरीके से जमीन पर लागू किया जाए। इसलिए जरूरी है कि किसान इन योजनाओं की जानकारी रखें और समय-समय पर सरकार की घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।
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