मेहसाणा से असम तक दौड़ी ‘जीरा एक्सप्रेस’, रेलवे ने भेजा 4200 टन जीरा

पश्चिम रेलवे ने देश के मसाला व्यापार को नई गति देने के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत की है। गुजरात के मेहसाणा रेलवे स्टेशन से असम के अजारा स्टेशन तक 4,200 क्विंटल जीरा लेकर पहली संगठित विशेष पार्सल ट्रेन रवाना की गई है।

यह विशेष ट्रेन 30 वैगनों के साथ रवाना हुई। यह ट्रेन गुजरात और पूर्वोत्तर भारत के बीच लगभग 2,477 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करेगी, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच एक सीधा और मजबूत व्यापारिक संपर्क स्थापित होगा।

इस बड़ी खेप में कुल 13,800 पैकेट शामिल हैं, जिनका वजन करीब 420 टन (4.20 लाख किलोग्राम) है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह समर्पित व्यवस्था मसाला व्यापारियों और निर्यातकों के लिए गेम चेंजर साबित होगी।

इससे उन्हें सड़क मार्ग के बजाय रेल आधारित लॉजिस्टिक्स अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जो बड़े पैमाने पर ढुलाई के लिए अधिक सुरक्षित है। सड़क के मुकाबले रेल ढुलाई के कई आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी हैं।

लंबी दूरी के लिए रेल परिवहन न केवल सस्ता पड़ता है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद करता है, जो टिकाऊ व्यापार के लिए आज की बड़ी जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारत की मसाला आपूर्ति शृंखला को अधिक कुशल बनाएगी। विशेष रूप से पूर्वोत्तर के बाजारों तक ताजे और गुणवत्तापूर्ण मसालों की पहुंच अब पहले से कहीं अधिक तेज और व्यवस्थित हो जाएगी।

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