बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ कॉफेड ने पहली बार पांच टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का निर्यात चीन को किया है। यह खेप पटना के निकट बिहटा स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो से चीनी कंपनी मंजिंग रॉयल इक्विपमेंट के लिए रवाना की गई।
बिहार का मखाना पहले से ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूएई, बेल्जियम, कतर और सऊदी अरब जैसे बाजारों में निर्यात किया जा रहा है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, हर महीने 50 से 60 कंटेनर विदेशी बाजारों को भेजे जा रहे हैं।
कॉफेड अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि मखाना उत्पादक मत्स्यजीवियों द्वारा बनाए गए गुणवत्ता मानकों की पुष्टि करती है और मखाना, मत्स्य उत्पादों तथा अन्य कृषि जिंसों के निर्यात विस्तार के नए अवसर खोलती है। राज्य में 880 से अधिक सहकारी समितियों से जुड़े हजारों मत्स्यजीवियों को इससे बेहतर मूल्य प्राप्ति की उम्मीद है।
बिहार वैश्विक मखाना उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा रखता है। जीआई टैग और मखाना बोर्ड के संस्थागत समर्थन के साथ राज्य इस फसल को प्रमुख निर्यातोन्मुख कृषि उत्पाद के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस एक कदम से उत्तर बिहार के हजारों मखाना उत्पादक किसानों की किस्मत बदलने वाली है। जब बिचौलियों के बजाय सीधे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट होगा, तो मुनाफा सीधा हमारे किसान भाइयों की जेब में जाएगा। बिहार का ‘सफेद सोना’ अब डॉलर और युआन कमाकर लाएगा!
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