आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2023-24 सीजन के लिए कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी सीसीआई को 1,718.56 करोड़ रुपये की एमएसपी सहायता राशि मंजूर की है। यह कदम कपास किसानों को मूल्य समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सीसीआई एमएसपी खरीद के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती रहेगी और जब बाजार भाव एमएसपी से नीचे जाता है, तब बिना किसी मात्रा सीमा के कपास की खरीद करेगी। इससे किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचने से बचाव मिलेगा। यह हस्तक्षेप देश के लगभग 60 लाख कपास किसानों और कपास मूल्य श्रृंखला से जुड़े लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सीसीआई 11 राज्यों के 152 जिलों में 508 से अधिक केंद्र संचालित कर रही है, जिससे किसानों की पहुंच आसान हो सके। पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए सीसीआई ने डिजिटल तकनीकों को भी अपनाया है।
सरकार का यह 1,718 करोड़ रुपय का निवेश केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह कपास की खेती करने वाले 60 लाख किसानों और इस उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ है। इससे न केवल किसानों की आय स्थिर होगी, बल्कि भविष्य में कपास की बुवाई के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह भी पढ़े: पंजाब में पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों में 51 प्रतिशत गिरावट..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।
