बिहार ने जीआई टैग प्राप्त ‘मिथिला मखाना’ की पहली खेप समुद्री मार्ग से विदेश भेजकर वैश्विक बाजार में औपचारिक प्रवेश कर लिया है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि 2 टन की यह ऐतिहासिक खेप 21 जनवरी को पूर्णिया जिले से दुबई के लिए रवाना की गई, जिससे पारंपरिक सुपरफूड मखाना के संगठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार की नींव पड़ी है।
मिथिला क्षेत्र का विशिष्ट उत्पाद मखाना अपने उच्च पोषण मूल्य और औषधीय गुणों के कारण देश-विदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मंत्री ने कहा कि समुद्री मार्ग से सफल निर्यात यह साबित करता है कि बिहार अब गुणवत्ता, पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने की क्षमता हासिल कर चुका है।
उन्होंने कहा कि जीआई टैग वाले उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल से मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और कृषि उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे और बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
मंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि राज्य से अन्य जीआई टैग और मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित करेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच से दीर्घकालिक आय वृद्धि को समर्थन मिलेगा और ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
इससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा और मुनाफा सीधे किसानों की जेब में जाएगा। यह सिर्फ एक ड्राई फ्रूट का एक्सपोर्ट नहीं है, यह बिहार की ‘ब्रांडिंग’ है! सरकार की नई नीतियों और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट ने मिथिला के इस ‘सफेद सोने’ को वैश्विक मंच पर खड़ा कर दिया है।
यह भी पढ़े: विशेषीकृत खेती का लाभ, पुदीना से सालाना 60 लाख की आय अर्जित कर रहा ये किसान..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।