• Home
  • पशुपालन
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Agri Care & Organic Farming | Agriculture & Farming

Home » गेहूं उत्पादन में वृद्धि के संकेत, लेकिन ओलावृष्टि ने रोकी रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की रफ्तार

गेहूं उत्पादन में वृद्धि के संकेत, लेकिन ओलावृष्टि ने रोकी रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की रफ्तार

01/04/2026 by krishijagriti5

गेहूं उत्पादन में वृद्धि के संकेत, लेकिन ओलावृष्टि ने रोकी रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की रफ्तार

रबी विपणन सत्र 2026 गेहूं उत्पादन को लेकर एक मिश्रित परिदृश्य पेश कर रहा है। जहां एक ओर रकबे में विस्तार और बेहतर मृदा नमी के कारण बंपर पैदावार की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर फसल पकने के अंतिम चरणों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने शुरुआती उत्पादन अनुमानों पर दबाव डाल दिया है।

सरकारी आंकड़ों में जहां इस वर्ष 1202 लाख टन के रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, वहीं उद्योग जगत के प्रमुख संगठन ‘रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ ने जमीनी परिस्थितियों का आकलन करते हुए अपने अनुमानों को संशोधित कर दिया है। फेडरेशन के अध्यक्ष नवनीत चितलंगिया के अनुसार, अब उत्पादन 1135 से 1140 लाख टन के बीच रहने का अनुमान है, जो उनके पूर्ववर्ती 1150 लाख टन के अनुमान से कम है।

हालांकि, यह संशोधित आंकड़ा पिछले साल के 1095 से 1100 लाख टन के उत्पादन स्तर से अब भी बेहतर स्थिति दर्शाता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष फसल चक्र के दौरान मौसम का मिजाज काफी अस्थिर रहा है। फरवरी माह में समय से पहले बढ़ी तपिश के बाद अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को दोहरी चुनौती दी है।

उद्योग विशेषज्ञ रमेश गर्ग का मानना है कि इस मौसमी उतार-चढ़ाव का सीधा असर गेहूं की गुणवत्ता, विशेषकर दानों की चमक और वजन पर पड़ सकता है। इससे मिलर्स और प्रसंस्करण उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे बाजार की कीमतों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

इस वर्ष गेहूं का कुल रकबा बढ़कर 334 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो पिछले साल के 328 लाख हेक्टेयर के मुकाबले एक महत्वपूर्ण बढ़त है। रकबे में यह विस्तार और बुवाई के समय मिट्टी में मौजूद पर्याप्त नमी उत्पादन को बड़े स्तर पर गिरने से रोकने में सहायक सिद्ध हुई है। पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में फिलहाल नुकसान के आंकड़े सीमित बताए जा रहे हैं। आने वाले सप्ताहों में मौसम की स्थिरता ही अंतिम उत्पादन और दानों की गुणवत्ता का वास्तविक रुख तय करेगी।

यह भी पढ़े: पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद देश में खाद की कमी नहीं होगी- सरकार

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: Blog Tagged With: Rabi Marketing Season, Record Wheat Output, Wheat Production Estimate

WhatsApp व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें..!

Latest Post

गेहूं उत्पादन में वृद्धि के संकेत, लेकिन ओलावृष्टि ने रोकी रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की रफ्तार

गेहूं उत्पादन में वृद्धि के संकेत, लेकिन ओलावृष्टि ने रोकी रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की रफ्तार

पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद देश में खाद की कमी नहीं होगी- सरकार

पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद देश में खाद की कमी नहीं होगी- सरकार

अब 100% MSP पर होगी दलहन-तिलहन की सरकारी खरीद, संसदीय समिति की सिफारिश

अब 100% MSP पर होगी दलहन-तिलहन की सरकारी खरीद, संसदीय समिति की सिफारिश

जैविक फसलों को एमएसपी से बाहर रखने पर संसदीय समिति ने उठाए सवाल..!

जैविक फसलों को एमएसपी से बाहर रखने पर संसदीय समिति ने उठाए सवाल

पपीता की जैविक खेती से किसान की आय में आया बड़ा उछाल

पपीता की जैविक खेती से किसान की आय में आया बड़ा उछाल

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों के जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Search

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved