सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सोपा ने खरीफ 2025 के लिए सोयाबीन उत्पादन का संशोधित अनुमान बढ़ाकर 110.25 लाख टन कर दिया है। यह पहले के अनुमान 105.36 लाख टन से लगभग 4.6 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन अनुमान में यह वृद्धि मुख्य रूप से महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेहतर पैदावार के कारण हुई है।
सोपा के अनुसार देश में सोयाबीन का कुल रकबा 112.13 लाख हेक्टेयर आंका गया है, जो पहले के अनुमान 114.56 लाख हेक्टेयर से कम है और सरकार के 123.10 लाख हेक्टेयर के अनुमान से भी नीचे है। देश के सबसे बड़े उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में उत्पादन 43.24 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पहले के 44.55 लाख टन के अनुमान से कम है। इसका कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में मामूली गिरावट होकर 889 किलोग्राम रहना बताया गया है।
महाराष्ट्र में उत्पादन अनुमान में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में अब उत्पादन 52.22 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पहले के 46.74 लाख टन से अधिक है। रकबा थोड़ा घटकर 44.68 लाख हेक्टेयर रहने के बावजूद 1,169 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की बेहतर उत्पादकता ने उत्पादन बढ़ाया है। राजस्थान में भी उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 6.39 लाख टन कर दिया गया है, जो पहले के 5.66 लाख टन से अधिक है।
सोपा के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक के अनुसार ये संशोधित अनुमान प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में व्यापक फील्ड सर्वे के आधार पर तैयार किए गए हैं। सर्वेक्षण के दौरान 3,400 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का दौरा किया गया और किसानों, प्रोसेसरों, व्यापारियों तथा मंडी अधिकारियों से बातचीत की गई। हालांकि उत्पादन अनुमान में संशोधन किया गया है, फिर भी वर्ष 2025 का कुल सोयाबीन उत्पादन पिछले वर्ष के 128.81 लाख टन से कम रहने की संभावना है, जब अधिक रकबा और बेहतर पैदावार के कारण उत्पादन ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था।
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