क्या अब सल्फास पर पूरी तरह रोक लग गई है? किसानों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है। हाल ही में जारी निर्देशों के अनुसार सल्फास के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया गया है। कई जगहों पर इसे सामान्य उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि अब यह दवा पहले की तरह आसानी से उपलब्ध नहीं होगी और बिना अनुमति के इसका उपयोग करना कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है।
किसानों के लिए सल्फास का उपयोग लंबे समय से भंडारित अनाज में कीट नियंत्रण के लिए किया जाता रहा है। लेकिन इसके अत्यधिक जहरीले प्रभाव के कारण यह इंसानों और पशुओं के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हुआ है। कई दुर्घटनाओं और दुरुपयोग के मामलों को देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।
अब नए नियमों के अनुसार कोई भी कीटनाशक विक्रेता सामान्य उपयोग के लिए सल्फास की बिक्री नहीं कर सकता। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। साथ ही किसानों को भी सलाह दी जा रही है कि वे बिना अनुमति या तकनीकी मार्गदर्शन के इस दवा का उपयोग बिल्कुल न करें।
इस बदलाव का सीधा असर किसानों पर भी पड़ेगा, खासकर उन किसानों पर जो भंडारण के समय कीट नियंत्रण के लिए सल्फास पर निर्भर थे। अब उन्हें सुरक्षित और वैकल्पिक उपाय अपनाने होंगे। जैसे कि भंडारण से पहले अनाज को अच्छी तरह सुखाना, साफ-सफाई रखना, और प्रमाणित एवं कम जहरीले कीटनाशकों का उपयोग करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम किसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। कई बार अनजाने में या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह दवा जानलेवा साबित होती है। इसलिए अब सरकार सुरक्षित कृषि और मानव स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है। किसानों के लिए यह समय सतर्क रहने का है। किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले उसकी वैधता, डोज और सुरक्षा निर्देश जरूर जानें।
हमेशा लाइसेंस प्राप्त दुकानदार से ही दवा खरीदें और रसीद जरूर लें। अगर आप भंडारण में कीट नियंत्रण के लिए कोई विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें। वे आपको आपके क्षेत्र के अनुसार सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बता सकते हैं।
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