भारत के ट्रैक्टर उद्योग ने वर्ष 2026 की शुरुआत जोरदार बढ़त के साथ की है। ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में घरेलू और निर्यात बाजारों को मिलाकर कुल ट्रैक्टर बिक्री में साल-दर-साल 45 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में बिक्री 28 प्रतिशत बढ़ी, जिसे जीएसटी दरों में हालिया कटौती, सामान्य मानसून और कृषि अर्थव्यवस्था में सुधार का समर्थन मिला। बेहतर ग्रामीण नकदी प्रवाह और फसल कीमतों में स्थिरता ने भी मांग को मजबूती दी। निर्यात के मोर्चे पर भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। कुल निर्यात में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से मजबूत मांग प्रमुख कारक रही।
उद्योग सूत्रों के अनुसार कृषि मशीनीकरण उप-मिशन के तहत ट्रैक्टर सब्सिडी लागू होने के बाद महाराष्ट्र एक प्रमुख वृद्धि केंद्र के रूप में उभरा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र को अलग भी कर दिया जाए तो उद्योग में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज होती, जो व्यापक और स्थायी मांग का संकेत है।
कृषि मशीनीकरण उप-मिशन योजना के तहत ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के बीच मशीनीकरण को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादकता में सुधार करना है। ट्रैक्टर बिक्री में यह उछाल ग्रामीण निवेश और कृषि क्षेत्र में बढ़ते मशीनीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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