ब्यावरा में सड़ गया ₹3.57 करोड़ का गेहूं, किसानों ने पूछा- हमारी मेहनत पर तेजाब क्यों?
किसानों के लिए यह लेख केवल एक खबर नहीं है, बल्कि यह उस दर्द, उस पीड़ा और उस हताशा का दस्तावेज़ है जो इस देश का हर किसान अपने सीने में दबाए हुए है। हम दिन-रात मिट्टी में मिल कर, अपना खून-पसीना एक करके जो अनाज पैदा करते हैं, जिसे हम भगवान मानकर पूजते हैं, … Read more