केंद्र सरकार ने आगामी खरीफ बुवाई सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम तैयारी की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि अप्रैल के लिए देश में लगभग 163 लाख टन उर्वरक भंडार उपलब्ध है, जो … [Read more...]
अब सरसों से होगी डबल कमाई! वैज्ञानिकों ने लॉन्च की हाई ऑयल कंटेंट वाली नई किस्में..!
सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। देश में सरसों की चार नई उन्नत किस्में विकसित की गई हैं, जो आने वाले समय में तेल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इन … [Read more...]
क्या अमेरिकी कपास के मोह में पीछे छूट जाएगा भारतीय किसान..!
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित अंतरिम व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों कृषि और कपड़ा उद्योग के लिए एक दोधारी तलवार की तरह उभर कर आया है। जहाँ एक ओर यह समझौता भारतीय परिधानों को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी … [Read more...]
जापान की मदद से इसाबेला में आधुनिक प्लांट और भारत में ‘भारत-विस्तार’ AI का आगाज..!
जापान की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी ने राष्ट्रीय खाद्य प्राधिकरण के माध्यम से इसाबेला में एक आधुनिक चावल प्रसंस्करण संयंत्र के निर्माण के लिए कृषि विभाग को 1.7 अरब येन का अनुदान दिया है। इस परियोजना से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा … [Read more...]
जीएम सोयाखली आयात पर सोपा ने सरकार से कहा- ‘विदेशी सोयाबीन से बर्बाद हो जाएंगे किसान..!
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सोपा ने केंद्र सरकार से आनुवंशिक रूप से संशोधित जीएम सोयाबीन खली के आयात की अनुमति न देने की अपील की है। एसोसिएशन का तर्क है कि देश में सोयाखली की पर्याप्त उपलब्धता है और आयात से लाखों सोयाबीन किसानों के हित … [Read more...]
नेफेड के पास 16 लाख टन दालों का भंडार, लेकिन बफर मानक से अब भी कम..!
आईग्रेन द्वारा साझा किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ यानी नेफेड के पास इस समय घरेलू खरीद और आयात को मिलाकर कुल लगभग 15.9 लाख टन दालों का भंडार मौजूद है। इसमें मूंग, तूर, मसूर, चना और उड़द की हिस्सेदारी शामिल है, … [Read more...]
विशेषीकृत खेती का लाभ, पुदीना से सालाना 60 लाख की आय अर्जित कर रहा ये किसान..!
दिलीप सिंह भाटी की असफल उद्यमी से सफल पुदीना उत्पादक बनने की यात्रा इस बात की गवाह है कि विशेषीकृत खेती किस तरह पारंपरिक व्यवसायों की तुलना में अधिक लाभकारी और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। राजस्थान के टिनवारी क्षेत्र के बलरावा गांव निवासी भाटी ने दसवीं … [Read more...]






