केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य कृषि फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत मखाना क्षेत्र के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'मखाना विकास हेतु केंद्रीय क्षेत्र योजना' के अंतर्गत यह राशि आवंटित करते हुए … [Read more...]
बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान..!
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ का प्रावधान किया है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,51,853 करोड़ से करीब 7 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी स्पष्ट संकेत देती है कि केंद्र सरकार किसान … [Read more...]
नेफेड के पास 16 लाख टन दालों का भंडार, लेकिन बफर मानक से अब भी कम..!
आईग्रेन द्वारा साझा किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ यानी नेफेड के पास इस समय घरेलू खरीद और आयात को मिलाकर कुल लगभग 15.9 लाख टन दालों का भंडार मौजूद है। इसमें मूंग, तूर, मसूर, चना और उड़द की हिस्सेदारी शामिल है, … [Read more...]
चावल-गेहूं नहीं, अब ‘मक्का’ बनेगा भारत का गेम चेंजर..!
भारत की खाद्य सुरक्षा लंबे समय से पानी की अधिक खपत करने वाली चावल और गेहूं की फसलों पर निर्भर रही है, जिनकी उत्पादकता अपनी सीमा के करीब पहुंच रही है। बढ़ती मांग और बढ़ते जल संकट के बीच मक्का एक टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। कम पानी … [Read more...]
वैश्विक चावल बाज़ार में भारत की वापसी से ब्राजील-पाकिस्तान के निर्यात में भारी उथल-पुथल..!
2025 में ब्राज़ील ने 15 लाख टन चावल का निर्यात किया, जिसकी मात्रा में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन मूल्य में 18 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 457 मिलियन डॉलर रह गया। वैश्विक कीमतों में कमजोरी और भारतीय प्रतिस्पर्धा के कारण निर्यात प्रभावित हुआ। … [Read more...]
अब बुआई से नहीं रोपाई से बढ़ेगी 20 प्रतिशत तक अरहर की पैदावार..!
अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान इक्रिसॅट के अध्ययन से पता चला है कि अरहर यानी तुअर की सीधी बुवाई के बजाय पौध रोपण यानी ट्रांसप्लांटिंग अपनाने से पैदावार में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। तीन वर्षों तक चले इस शोध … [Read more...]
विशेषीकृत खेती का लाभ, पुदीना से सालाना 60 लाख की आय अर्जित कर रहा ये किसान..!
दिलीप सिंह भाटी की असफल उद्यमी से सफल पुदीना उत्पादक बनने की यात्रा इस बात की गवाह है कि विशेषीकृत खेती किस तरह पारंपरिक व्यवसायों की तुलना में अधिक लाभकारी और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। राजस्थान के टिनवारी क्षेत्र के बलरावा गांव निवासी भाटी ने दसवीं … [Read more...]






