कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी सीएआई ने प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में बेहतर पैदावार का हवाला देते हुए 2025-26 सीजन यानी अक्टूबर -सितंबर के लिए भारत के कपास उत्पादन अनुमान को 7.5 लाख गांठ बढ़ाकर 317 लाख गांठ कर दिया है। पिछले सीजन में देश का कपास … [Read more...]
मधु पटेल ने वैश्विक पहचान बनाकर 3,000 महिलाओं को बनाया लखपति ..!
बिहार के नालंदा जिले के एक छोटे से गाँव से शुरू हुई कहानी आज पूरे पूर्वी भारत के लिए ग्रामीण उद्यमिता का सबसे सशक्त उदाहरण बन चुकी है। हिलसा प्रखंड के गजेंद्र बीघा गाँव की रहने वाली मधु पटेल ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक, प्रशिक्षण और दृढ़ … [Read more...]
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तीन योजनाओं के विलय का प्रस्ताव..!
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अपनी प्रमुख योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के ढांचे को सरल और अधिक परिणामोन्मुख बनाने के लिए इसके तहत चल रही तीन योजनाओं के विलय का प्रस्ताव रखा है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार, कृषोन्नति योजना, राष्ट्रीय … [Read more...]
अब नैफेड के अपने डिजिटल मंच से होगी सरकारी जिंसों की ई-नीलामी..!
क्या आपने कभी सोचा है कि सरकारी गोदामों में रखा लाखों टन अनाज, दालें और तिलहन आखिर बिकते कैसे हैं? अब तक इसके लिए बाहरी पोर्टल्स का सहारा लिया जाता था, लेकिन अब खेल बदलने वाला है। NAFED यानी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ ने अपना खुद का … [Read more...]
पुरानी और नई फसल की दोहरी मार से मंडियों में गिरे औंधे मुंह आलू के दाम..!
देश भर की मंडियों में आलू की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती आवक के मुकाबले कमजोर मांग के चलते बीते एक महीने में प्रमुख थोक मंडियों में कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। कई उत्पादन क्षेत्रों में किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर बिक्री … [Read more...]
मंडियों में तूर-उड़द की सीधी खरीद शुरू होने से किसानों को मिलेगा ये अतिरिक्त लाभ..!
कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को ज़मीनी स्तर पर मज़बूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और किसानों की सहकारी संस्था नैफेड ने कृषि उपज मंडी समितियों में पूर्व-पंजीकृत किसानों से दालों की सीधी … [Read more...]
मक्का निर्यात में लौट रही रफ्तार, बेहतर कीमत पाने के लिए हो जाए तैयार..!
भारत के मक्का निर्यात में सुस्ती के बाद अब धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं। वर्ष 2024-25 में मक्का का निर्यात पाँच सालों के निचले स्तर पर आ गया था, लेकिन घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और कीमतों के अधिक प्रतिस्पर्धी होने से अंतरराष्ट्रीय … [Read more...]






