खेती का गहराता संकट: बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच पिस रहा किसान
खेती अब केवल मेहनत का काम नहीं रह गई है, बल्कि यह धीरे-धीरे घाटे का सौदा बनती जा रही है। गांव का किसान आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसे केवल“मौसम की मार”कहकर नहीं समझा जा सकता। यह संकट खेती की पूरी आर्थिक संरचना का संकट है। रोहिणी नक्षत्र चढ़ते ही खेतों में हल … Read more