कृषि जागृति-Krishi Jagriti

Krishi Jagriti Chalo Gavan Kee Aur | Agri Care & Organic Farming | Agriculture & Farming

  • Home
  • कृषि जागृति
  • कृषि समाचार
  • पशुपालन
  • कृषि तकनीक
  • कृषि उपकरण
  • सरकारी योजनाएं
  • कृषि जागृति संदेश
  • गैलवे कृषम फार्मिंग

विशेषीकृत खेती का लाभ, पुदीना से सालाना 60 लाख की आय अर्जित कर रहा ये किसान..!

26/01/2026 by krishijagriti5

दिलीप सिंह भाटी की असफल उद्यमी से सफल पुदीना उत्पादक बनने की यात्रा इस बात की गवाह है कि विशेषीकृत खेती किस तरह पारंपरिक व्यवसायों की तुलना में अधिक लाभकारी और टिकाऊ विकल्प बन सकती है। राजस्थान के टिनवारी क्षेत्र के बलरावा गांव निवासी भाटी ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़कर करीब 13 वर्षों तक गुजरात के ऑयल मिलिंग सेक्टर में काम किया। अनुभव तो मिला, लेकिन आय की संभावनाएं सीमित रहीं।

वर्ष 2010 में राजस्थान लौटकर उन्होंने खेती के साथ ऑयल मिल व्यवसाय शुरू किया, पर लगातार घाटे के चलते 2017 में उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह कृषि पर ध्यान केंद्रित किया और पुदीना की खेती को अपना मुख्य व्यवसाय बनाया। छोटे स्तर से शुरुआत कर भाटी ने पुदीना का रकबा बढ़ाकर करीब 150 बीघा कर लिया है, जबकि कुल मिलाकर लगभग 250 बीघा भूमि पट्टे पर लेकर खेती कर रहे हैं।

उन्होंने मशीनीकरण में निवेश किया है और अब छह ट्रैक्टर सहित आधुनिक कृषि उपकरणों के साथ खेती करते हैं। व्यवस्थित फसल प्रबंधन, हरी खाद, जैविक इनपुट और चरणबद्ध बुवाई से वे साल के अधिकांश समय कटाई कर पाते हैं। एक रोपाई चक्र में करीब आठ महीनों में सात कटिंग मिलती हैं। बाजार की मांग के अनुसार वे हरा और सूखा, दोनों तरह का पुदीना बेचते हैं। हरा पुदीना 30-50 प्रति किलो बिकता है, जबकि सूखा पुदीना कम रिकवरी के कारण कहीं अधिक कीमत पर जाता है।

सिर्फ पुदीना से ही भाटी की सालाना आय करीब 60 लाख तक पहुंच गई है। वे दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद की प्रमुख मंडियों में ताजा पुदीना भेजते हैं, जबकि सूखा पुदीना मसाला कंपनियों और क्षेत्रीय बाजारों में जाता है। पीक सीजन में व्यापारी सीधे खेत से खरीद करते हैं, जिससे विपणन लागत भी घटती है। भाटी की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र में पुदीना की खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है और अब 20,000 बीघा से अधिक क्षेत्र में यह फसल उगाई जा रही है, क्योंकि इसकी मांग स्थिर और रिटर्न मजबूत माने जा रहे हैं।

यह भी पढ़े: ग्लोबल मक्का बाजार में यूक्रेन की बढ़ती कीमतों से मक्का बाजार के बदलते वैश्विक हालात..!

जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।

Filed Under: कृषि समाचार Tagged With: Agri Market News, Agri News, Specialized Farming

WhatsApp कृषि जागृति चलो गांव की ओर

Latest Post

इथेनॉल सेक्टर में 2030 तक 45 प्रतिशत बढ़ेगी मांग, क्या भारत बनेगा ग्लोबल बायो-एनर्जी हब..!

इथेनॉल सेक्टर में 2030 तक 45 प्रतिशत बढ़ेगी मांग, क्या भारत बनेगा ग्लोबल बायो-एनर्जी हब..!

वैश्विक चीनी उत्पादन घटने के आसार और इंडोनेशिया के नए नियमों ने बढ़ाई टेंशन..!

वैश्विक चीनी उत्पादन घटने के आसार और इंडोनेशिया के नए नियमों ने बढ़ाई टेंशन..!

बजट में मखाना किसानों को क्या मिला..!

बजट में मखाना किसानों को क्या मिला..!

सरसों की फसल में लगने वाले माहू के प्रकोप को कैसे नियंत्रित करें..!

सरसों की फसल में लगने वाले माहू के प्रकोप को कैसे नियंत्रित करें..!

फरवरी में तापमान बढ़ने की आशंका ने इन रबी फसलों पर बढ़ाया दबाव..!

फरवरी में तापमान बढ़ने की आशंका ने इन रबी फसलों पर बढ़ाया दबाव..!

कृषि जागृति-Krishi Jagriti

कृषि जागृति-Krishi Jagriti का मुख्य उद्देश्य केवल जनोपयोग व जीवन सुधार हेतु स्वास्थ्य सामग्री, कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती संबंधित जानकारियों का प्रसारण करना हैं। इसके अलावा किसी को अपनी जैविक उत्पाद या लेख प्रचार करवानी हैं, तो संपर्क कर सकते हैं। WhatsApp पर।

Follow Us

Recent Posts

  • इथेनॉल सेक्टर में 2030 तक 45 प्रतिशत बढ़ेगी मांग, क्या भारत बनेगा ग्लोबल बायो-एनर्जी हब..!
  • वैश्विक चीनी उत्पादन घटने के आसार और इंडोनेशिया के नए नियमों ने बढ़ाई टेंशन..!
  • बजट में मखाना किसानों को क्या मिला..!
  • सरसों की फसल में लगने वाले माहू के प्रकोप को कैसे नियंत्रित करें..!
  • फरवरी में तापमान बढ़ने की आशंका ने इन रबी फसलों पर बढ़ाया दबाव..!

Search

Leran More

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms And Conditions

Copyright © 2026 कृषि जागृति-Krishi Jagriti All Right Reserved