क्या आपकी चाय की मिठास अब महंगी होने वाली है? पिछले 6 सालों से जिस दाम का इंतजार पूरा शुगर सेक्टर कर रहा था, शायद वो अब खत्म होने वाला है। खबर आ रही है कि भारत सरकार चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य यानी MSP में एक बड़ी बढ़ोतरी करने जा रही है।
सरकार चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य यानी एमएसपी में बढ़ोतरी पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे चीनी उद्योग को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, एमएसपी को मौजूदा 31 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 37.50 से 38 रुपए प्रति किलो के स्तर तक ले जाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2019 के बाद से चीनी का एमएसपी जस का तस बना हुआ है, जबकि इसी अवधि में गन्ने की कीमतों में कई बार इजाफा हो चुका है।
उद्योग लंबे समय से एमएसपी में संशोधन की मांग करता आ रहा है और उसका कहना है कि मौजूदा दरें बढ़ती उत्पादन लागत और ऊंचे गन्ना मूल्यों की वास्तविकता को नहीं दर्शातीं। चीनी का एमएसपी पहली बार वर्ष 2018 में 29 रुपए प्रति किलो तय किया गया था, जब अधिशेष उत्पादन और कमजोर मांग के कारण मिलों पर गन्ना बकाया बढ़ने लगा था। उस समय इसका उद्देश्य किसानों को संरक्षण देना और मिलों के लिए न्यूनतम बिक्री मूल्य सुनिश्चित करना था।
अब प्रस्तावित बढ़ोतरी को मिलों की नकदी स्थिति सुधारने, समय पर गन्ना भुगतान सुनिश्चित करने और एथनॉल व अन्य हरित ईंधन परियोजनाओं में निवेश को समर्थन देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह कदम लागू होता है, तो इससे चीनी क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लौटने और गन्ना मूल्य श्रृंखला को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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