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कड़ाके की ठंड से गेहूं को फायदा, लेकिन तिलहन और सब्जियों पर भारी संकट..!

24/01/2026 by krishijagriti5

कड़ाके की ठंड से गेहूं को फायदा, लेकिन तिलहन और सब्जियों पर भारी संकट..!

उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभकारी साबित हो रही है, लेकिन यही परिस्थितियां अन्य रबी फसलों और सब्जियों के लिए चुनौती बन गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा ठंडा और शुष्क मौसम गेहूं के लिए अनुकूल है, जबकि तिलहन और सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ा रहा है।

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एस.एस. गोसल ने बताया कि गेहूं ठंडी और सूखी परिस्थितियों में बेहतर पनपता है, जिससे पौधों में सही टिलरिंग यानी कल्ले निकलना, मजबूत जड़ विकास और पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है। उनके मुताबिक यदि यह ठंड का दौर करीब एक महीने और जारी रहा तो रिकॉर्ड पैदावार की संभावना बन सकती है। इस सीजन लगभग 34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है और फसल पर करीबी निगरानी रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडा मौसम गेहूं में कीट और रोगों के प्रकोप को भी कम करता है, जिससे पौधे अधिक स्वस्थ रहते हैं। पिछले कुछ वर्षों के विपरीत अभी तक पाला नहीं पड़ा है, हालांकि कोहरा चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि यह अक्सर अधिक नुकसानदेह साबित होता है। इसके उलट, तिलहन और सब्जी फसलों पर अत्यधिक ठंड का प्रतिकूल असर दिखने लगा है।

राज्य में करीब 51,000 हेक्टेयर में उगाई जा रही सरसों की फसल में फूल आने, परागण और फली बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वहीं मटर, आलू, फूलगोभी, पत्तागोभी और हरे चारे जैसी सब्जियों में भी वृद्धि रुकने, उपज घटने और किसानों को कम दाम मिलने की स्थिति बन रही है।

विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि सब्जी फसलों को ठंड से बचाने के लिए साप्ताहिक सिंचाई करें। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले सप्ताह में धूप बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रकाश संश्लेषण में मदद मिलेगी। हालांकि 23 जनवरी के बाद बारिश के साथ घना कोहरा और पाले की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में बढ़ोतरी से फसलों को कुछ राहत मिल सकती है।

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