त्योहारी सीजन में खुले बाजार में चीनी की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। जहां बाजार में चीनी ₹65 प्रति किलो तक बिक रही है, वहीं राज्य सरकार ने लखनऊ में रियायती दर पर मात्र ₹52 प्रति किलो में चीनी की बिक्री शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 14 अक्टूबर को चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में राज्य चीनी निगम और सहकारी चीनी मिल संघ के बिक्री काउंटर खोल दिए गए हैं। जानिए 1 किलो से लेकर 50 किलो के कट्टे के रेट, संपूर्णनगर मिल की विशेष दरें और अन्य शहरों में विस्तार की तैयारी।
₹52 प्रति किलो में रियायती चीनी
उत्तर प्रदेश सरकार ने खुले बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए लखनऊ में रियायती दर पर बिक्री शुरू की है। जहां बाजार में चीनी का भाव करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है, वहीं उपभोक्ताओं को इसे 52 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर को चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इस संबंध में निर्देश दिए थे।
लखनऊ बिक्री केंद्र और पैकेटवार रेट्स
उपभोक्ता लखनऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में राज्य चीनी निगम और उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के बिक्री केंद्र से चीनी खरीद सकते हैं। यहां सामान्य चीनी का 1 किलो पैकेट 52 रुपये, 2 किलो 102 रुपये, 5 किलो 250 रुपये और 50 किलो का पैकेट 2,500 रुपये में उपलब्ध है। संपूर्णनगर सहकारी चीनी मिल की चीनी 1 किलो के लिए 51 रुपये और 5 किलो के लिए 245 रुपये में मिल रही है।
बिक्री केंद्र सभी कामकाजी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने और नई चीनी की आवक कम रहने से बाजार भाव ऊंचे हैं। यदि खुदरा कीमतें अधिक बनी रहती हैं, तो सरकार इस रियायती बिक्री व्यवस्था को प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों तक बढ़ा सकती है।
सस्ती चीनी काउंटर से जुड़ी 3 सबसे जरूरी बातें
सीधी और पारदर्शी बिक्री: उपभोक्ताओं को बिना किसी राशन कार्ड के झंझट के सीधे काउंटर पर नकद भुगतान करके यह शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण चीनी खरीदने की सुविधा दी गई है।
नई चीनी आने तक जारी रहेगी व्यवस्था: त्योहारी सीजन में अधिक मांग और मिलों से नई पेराई की चीनी आने में देरी के कारण भाव बढ़े हैं। जब तक बाजार में भाव सामान्य नहीं होते, यह केंद्र चालू रहेगा।
अन्य बड़े शहरों में भी खुल सकते हैं केंद्र: यदि खुदरा बाजार में कीमतें ₹60 से ऊपर बनी रहीं, तो कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और प्रयागराज जैसे अन्य प्रमुख शहरों में भी ऐसे बिक्री काउंटर खोले जा सकते हैं।
निष्कर्ष: त्योहारों के मौसम में जब आम परिवारों का बजट मिठाइयों और पकवानों की वजह से बढ़ जाता है, तब उत्तर प्रदेश सरकार का ₹52 प्रति किलो में चीनी उपलब्ध कराने का फैसला सीधे जनता की जेब को राहत देने वाला है।
खुले बाजार में मुनाफाखोरी और कृत्रिम किल्लत पर लगाम लगाने के लिए सहकारी मिलों के जरिए सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाना एक बेहतरीन प्रशासनिक पहल है। सरकार को चाहिए कि इस काउंटर की तरह प्रदेश के अन्य घनी आबादी वाले जिलों में भी तत्काल प्रभाव से मोबाइल वैन या उप-केंद्र शुरू किए जाएं, ताकि लखनऊ के बाहर रहने वाले आम नागरिकों को भी इस सस्ती चीनी का लाभ मिल सके।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट Anil Kumar Prasad द्वारा उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के आधिकारिक निर्देशों और जमीनी बाजार भावों के आधार पर तैयार की गई है। क्या आपके शहर में भी चीनी 60-65 रुपये किलो बिक रही है? क्या आपके जिले में भी ऐसे सरकारी काउंटर खुलने चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने शहर का नाम और आज का चीनी भाव जरूर बताएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किस दर पर रियायती चीनी बेची जा रही है?
उत्तर: सामान्य चीनी ₹52 प्रति किलो और संपूर्णनगर सहकारी चीनी मिल की चीनी ₹51 प्रति किलो की रियायती दर पर बेची जा रही है, जो बाजार भाव से ₹13-14 सस्ती है।
Q2. लखनऊ में सस्ती चीनी खरीदने के लिए बिक्री केंद्र कहाँ बनाया गया है?
उत्तर: यह बिक्री केंद्र लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर, लखनऊ में राज्य चीनी निगम और यूपी सहकारी चीनी मिल संघ द्वारा संचालित किया जा रहा है।
Q3. 5 किलो और 50 किलो के पैकेट का सरकारी रेट क्या है?
उत्तर: 5 किलो चीनी का पैकेट ₹250 में और 50 किलोग्राम की पूरी बोरी ₹2,500 में उपलब्ध कराई जा रही है।
Q4. यह सरकारी बिक्री केंद्र किस समय खुला रहता है?
उत्तर: यह बिक्री केंद्र सभी कामकाजी दिनों (Working Days) में सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है।
Q5. क्या यह सस्ती चीनी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी मिलेगी?
उत्तर: अधिकारियों के अनुसार, यदि खुले बाजार में खुदरा भाव ऊंचे बने रहे, तो इस रियायती व्यवस्था को प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
यह भी पढ़े: बीना में इफको की बोरी में नकली DAP खाद बेचने का मामला: ₹2,000 में बिक्री, ऐसे करें असली खाद की पहचान
जागरूक रहें और नुकसान से बचें! इसे अन्य किसान भाइयों की जागरूकता के लिए अवश्य साझा करें। कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यावसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित सटीक जानकारियां प्राप्त करने के लिए कृषि जागृति से जुड़ें। खेती से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे WhatsApp करें।
कृषि जागृति-Krishi Jagriti भारतीय किसानों को समर्पित एक स्वतंत्र डिजिटल कृषि समाचार मंच है। हमारी संपादकीय टीम का उद्देश्य किसानों तक नवीनतम कृषि लेख, सरकारी योजनाएं, उन्नत कृषि तकनीक, बाजार भाव और जैविक खेती से संबंधित सटीक व उपयोगी जानकारियों का प्रसारण करना है। हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
