केंद्र सरकार ने फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक लाख करोड़ रुपय की कृषि अवसंरचना तैयार की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह निवेश किसानों को बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।
मंत्री के अनुसार देशभर में अब तक 44,243 कस्टम हायरिंग सेंटर, 25,854 प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र, 25,565 फार्म हार्वेस्ट ऑटोमेशन इकाइयाँ, 17,779 गोदाम, 4,200 से अधिक ग्रेडिंग यूनिट, 3,549 स्मार्ट कृषि अवसंरचना सुविधाएँ और 2,827 कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विस्तार से फलों, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों में कटाई के बाद होने वाली क्षति में 5 से 15 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।
चौहान ने कहा कि अब हमारे फल और सब्जियां सुरक्षित रूप से संग्रहित की जा सकती हैं।” बेहतर भंडारण और वैज्ञानिक प्रबंधन से किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने से राहत मिली है और उन्हें बाजार में बेहतर दाम प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि यह मांग-आधारित केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके लिए सभी राज्यों में समान दिशानिर्देश लागू हैं। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण ढांचा विकसित करना, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादों की आपूर्ति शृंखला को अधिक कुशल बनाना है।
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