भारत, थाईलैंड और ब्राजील में अधिक उत्पादन के कारण 2025-26 में चीनी की अधिक आपूर्ति का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसके चलते वैश्विक चीनी कीमतों में नरमी आई है। हालांकि ब्राजील के दीर्घकालिक आपूर्ति दृष्टिकोण से कीमतों को समर्थन मिल रहा है, लेकिन भारतीय निर्यात में वृद्धि और वैश्विक भंडार की प्रचुरता की उम्मीदें सूचकांक से संबंधित खरीदारी के बावजूद कीमतों पर दबाव बनाए हुए हैं।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस पेराई सीजन में 18.647 मिलियन मीट्रिक टन गन्ने की प्रोसेसिंग के बाद 1.712 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उत्पादन हुआ है। यह उत्पादन जल्दी पेराई और सख्त जुर्माने के उपायों के कारण संभव हुआ है। कुल उपलब्धता 1.824 मिलियन मीट्रिक टन है, पाकिस्तानी किसानों को 165 अरब रुपय का भुगतान किया जा चुका है और गन्ने की ऊंची कीमतों से किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।
फिलीपींस में सीनेट के बहुमत नेता मिग्ज़ ज़ुबिरी ने चीनी संकट से निपटने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया, क्योंकि मिलों में चीनी की कीमतें उत्पादन लागत से नीचे गिर गई हैं। उन्होंने किसानों की आजीविका की रक्षा के लिए मूल्य स्थिरीकरण, चीनी प्राधिकरण यानी SRA की कड़ी कार्रवाई, चीनी विकास कोष का पूर्ण उपयोग और तस्करी के खिलाफ सख्त प्रवर्तन की मांग की।
भारतीय चीनी उद्योग गन्ने और अन्य कच्चे माल की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए सरकार से चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में तत्काल वृद्धि के माध्यम से समर्थन मांग रहा है। हितधारक एथेनॉल की खरीद के लिए उच्च मूल्य और टिकाऊ विमानन ईंधन पर स्पष्ट नीतियों की भी मांग कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की स्थिरता, किसानों को समर्थन और नवीकरणीय ऊर्जा के योगदान में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
वर्तमान में वैश्विक चीनी बाजार एक विरोधाभासी स्थिति से गुजर रहा है, जहां उत्पादन की प्रचुरता एक ओर उपभोक्ताओं के लिए राहत है, वहीं दूसरी ओर यह उत्पादकों और मिलों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन रही है। भारत, थाईलैंड और ब्राजील में चीनी का भारी उत्पादन वैश्विक कीमतों को नीचे धकेल रहा है। बाजार में चीनी की प्रचुर उपलब्धता ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहाँ मांग की तुलना में आपूर्ति अधिक है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सूचकांक दबाव में हैं।
यह भी पढ़े: मलेशियाई पाम तेल में रिकॉर्ड उत्पादन से सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा भंडार..!
जागरूक रहिए व नुकसान से बचिए और अन्य लोगों के जागरूकता के लिए साझा करें एवं कृषि जागृति, स्वास्थ्य सामग्री, सरकारी योजनाएं, कृषि तकनीक, व्यवसायिक एवं जैविक खेती से संबंधित जानकारियां प्राप्त करने के लिए जुड़े कृषि जागृति चलो गांव की ओर से या कृषि संबंधित किसी भी समस्या के जैविक समाधान के लिए WhatsApp करें।