फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएआई) के अनुसार आगामी खरीफ सीजन की मांग को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का भंडार फिलहाल पर्याप्त है। हालांकि उद्योग को प्राकृतिक गैस आपूर्ति में कमी और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों को लेकर चिंता बनी हुई है।
एफएआई के महानिदेशक चौधरी सुरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में उर्वरकों का स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है, लेकिन यूरिया उत्पादन के लिए आवश्यक प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में लगभग 40 प्रतिशत की कमी उद्योग के लिए चिंता का विषय है। गैस यूरिया उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है, इसलिए इसकी उपलब्धता सीधे उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव से वैश्विक आपूर्ति शृंखला प्रभावित होने और इनपुट लागत बढ़ने की आशंका है। ऐसे संभावित जोखिमों से निपटने के लिए सरकार और उद्योग मिलकर आयात को मजबूत करने और वैश्विक उत्पादकों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने घरेलू यूरिया उत्पादन बनाए रखने के लिए उर्वरक संयंत्रों को गैस आवंटन में प्राथमिकता देने का निर्णय भी लिया है। अधिकारियों का कहना है कि उर्वरक सब्सिडी जारी रहने से किसानों को वैश्विक कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के असर से बचाने और बुवाई के समय पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
यद्यपि तत्काल कोई संकट नहीं है, लेकिन घरेलू उत्पादन को स्थिर बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से निपटने के लिए सरकार और उद्योग जगत को अतिरिक्त सतर्कता और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है।
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