केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश का खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। इस अनुमान के मुताबिक कुल खरीफ खाद्यान्न उत्पादन 1,741.44 लाख टन और रबी उत्पादन 1,745.13 लाख टन रहने की संभावना है। यह पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 2.8 प्रतिशत और 3.2 प्रतिशत अधिक है।
धान उत्पादन मजबूत रहने का अनुमान है। खरीफ धान उत्पादन 1,239.28 लाख टन और रबी धान उत्पादन 167.20 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। वहीं गेहूं उत्पादन बढ़कर 1,202.10 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष के 1,179.45 लाख टन से अधिक होगा। मोटे अनाजों में खरीफ उत्पादन 425.89 लाख टन और रबी उत्पादन 213.41 लाख टन रहने का अनुमान है।
मक्का उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है, जिसमें खरीफ मक्का 302.47 लाख टन और रबी मक्का 159.03 लाख टन रहने की संभावना है। बाजरा सहित ‘श्री अन्न’ का उत्पादन खरीफ में 123.43 लाख टन और रबी में 30.98 लाख टन रहने का अनुमान है।
दलहनों में अरहर उत्पादन 34.55 लाख टन, चना 117.92 लाख टन और मसूर 17.33 लाख टन रहने की संभावना है। तिलहन उत्पादन भी मजबूत रहने का अनुमान है। खरीफ तिलहन उत्पादन 265.33 लाख टन और रबी तिलहन उत्पादन 144.65 लाख टन आंका गया है।
खरीफ में मूंगफली 112.94 लाख टन और सोयाबीन 127.20 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सरसों-राई उत्पादन रिकॉर्ड 133.31 लाख टन तक पहुंच सकता है। व्यावसायिक फसलों में कपास उत्पादन 290.91 लाख गांठ, गन्ना उत्पादन 5,001.97 लाख टन और जूट उत्पादन 81.27 लाख गांठ रहने का अनुमान है। ये आंकड़े संकेत देते हैं कि अनुकूल मौसम और प्रमुख फसलों के स्थिर रकबे के कारण मौजूदा कृषि वर्ष में देश का उत्पादन मजबूत रहने की संभावना है।
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